'हाथ हर किसी से मिलाया करो', हाथों पर बेहतरीन शेर

Siraj Mahi
Aug 22, 2023

अशोक मिज़ाज बद्र
हम ने सोचा था कि उन का हाथ होगा हाथ में... क्या ख़बर थी हाथ में बस चिट्ठियाँ रह जाएँगी

शाहिद कबीर
दिल से मिलने की तमन्ना ही नहीं जब दिल में... हाथ से हाथ मिलाने की ज़रूरत क्या है

नामालूम
हाथ हर किसी से मिलाया करो... पर दिल सिर्फ दिलवाले से ही मिलाया करो

ज़करिय़ा शाज़
'शाज़' मोहब्बत को अपनाना खेल नहीं... अपने हाथ से अपना हाथ छुड़ाया है

परवीन शाकिर
हाथ हिला कर रुख़्सत होगा... उस की सूरत हिज्र का चाँद

बकुल देव
मिलना-जुलना अभी भी है लेकिन... हाथ से हाथ अब न मसने के

शाहिदा हसन
दिल सलामत रहे तूफ़ाँ से तसादुम में मगर... हाथ से छूट गया हाथ परेशानी में

कामिल अख़्तर
कोई सूरज तो मिले कोई सहारा तो बने... चाँद का हाथ मिरे हाथ से फिर छूट गया

नामालूम
चाहने वाले को दिल में बसाने से कुछ नही होता है... हाथों में चाहत की रेखा भी होनी चाहिए.

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