दिल की चाहत पर शेर; 'दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते'

Siraj Mahi
Sep 19, 2023

और क्या देखने को बाक़ी है... आप से दिल लगा के देख लिया

ज़िंदगी किस तरह बसर होगी... दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में

तुम ज़माने की राह से आए... वर्ना सीधा था रास्ता दिल का

हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं... दिल हमेशा उदास रहता है

दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते... अब कोई शिकवा हम नहीं करते

फ़क़त निगाह से होता है फ़ैसला दिल का... न हो निगाह में शोख़ी तो दिलबरी क्या है

दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है... लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है

हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं... उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में

दिल दे तो इस मिज़ाज का परवरदिगार दे... जो रंज की घड़ी भी ख़ुशी से गुज़ार दे

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