मोहब्बत से मोहब्बत तब हुई। जब मोहब्बत तुमसे हुई…!

Siraj Mahi
Aug 07, 2023


हुआ है तुझ से बिछड़ने के बा'द ये मा'लूम। कि तू नहीं था तिरे साथ एक दुनिया थी


कभी पढ़ो तो सही मेरी आंखों को। यहां दरिया बहता है तेरी मोहब्बत का


आप के बा'द हर घड़ी हम ने। आप के साथ ही गुज़ारी है


इंतज़ार इतना करो कि कोई वक़्त न हो। प्यार ऐसे करो की कभी नफरत न हो


सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं। और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं


दूर रहकर भी तुम्हारी हर खबर रखते हैं। हम पास तुम्हे कुछ इस कदर रखते हैं


आज देखा है तुझ को देर के बअ'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं


कुछ तो जादू है तेरे नाम में। नाम सुनते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है


वो शमा की महफ़िल ही क्या, जिसमे दिल खाक ना हो। मज़ा तो तब है चाहत का, जब दिल तो जले, पर राख ना हो

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