मौसम पर चुनिंदा शेर 'मेरे पास से उठ कर वो उस का जाना'

Siraj Mahi
Sep 10, 2023

बशीर बद्र
तुम्हारे साथ ये मौसम फरिश्तों जैसा है तुम्हारे बाद ये मौसम बहुत सताएगा

मोहम्मद अल्वी
सर्दी में दिन सर्द मिला हर मौसम बेदर्द मिला

अहमद फराज
यूंही मौसम की अदा देख के याद आया है किस कदर जल्द बदल जाते हैं इंसा जानां

बशीर बद्र
यारो नए मौसम ने ये एहसान किए हैं अब याद मुझे दर्द पुराने नहीं आते

कैसर उल जाफरी
तुम्हारे मौसम का मौसम बड़ा सुहाना लगे मैं इक शाम चुरा लूं अगर बुरा न लगे

हबीब जालिब
बीत गया सावन का महीना मौसम ने नजरें बदलीं लेकिन इन प्यारी आंखों से अब तक आंसू बहते हैं

फ़िराक़ गोरखपुरी
जो उन मासूम आँखों ने दिए थे वो धोके आज तक मैं खा रहा हूँ

ज़ेब ग़ौरी
मेरे पास से उठ कर वो उस का जाना सारी कैफ़िय्यत है गुज़रते मौसम सी

अज़ीज़ एजाज़
जैसा मूड हो वैसा मंज़र होता है मौसम तो इंसान के अंदर होता है

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