अगर पड़ोसी सो रहा है भूखा, तो आप नहीं हो सकते सच्चे मुसलमान

Siraj Mahi
Oct 29, 2023


इस्लाम में पड़ोसियों का बहुत ख्याल रखने की ताकीद की गई है. वह पड़ोसी ही हैं, जो आपको वक्त जरूरत काम आते हैं.


अगर रात के वक्त आपको कोई तकलीफ होती है, तो सबसे पहले पड़ोसी ही आपके पास आता है.


पड़ोसी हर दुःख- दर्द में सबसे पहले आपके पास पहुँचता है. ऐसे में अगर पड़ोसियों से आपके रिश्ते अच्छे हैं, तो आप एक सच्चे मोमिन हैं.


यहां तक के कुरआन में ऐसी हिदायत दी गई है कि आपका पड़ोसी अगर कोई गैर-मुस्लिम है, तो भी आपको पड़ोसियों के सारे आदाब और हक़ निभाने होंगे.


एक हदीस में जिक्र है कि आप अपने पड़ोसियों को तोहफे भेजा करो चाहे छोटा-मोटी ही हो.


हदीस में इस बात का भी जिक्र है कि जिस पड़ोसी का दरवाजा आपसे सबसे ज्यादा करीब है उनके यहां पहले तोहफे भेजो.


एक दूसरी हदीस में हैं कि मोमिन ऐसा नहीं होता जो पेट भर खा कर सोए और उसका पड़ोसी भूखा सोए. यानी अपने पड़ोसी को खाना पानी पूछा करो.


इस्लाम में कहा गया है कि जब तुम गोश्त पकाओ तो शोरबा ज्यादा कर दो और पड़ोसियों की देखभाल करो. (जिसके यहां सालन कम हो उसके यहां भेजो)


प्रोफेट मोहम्मद फरमाते हैं कि वह शख्स ईमान नहीं रखता जिसका पड़ोसी उसके जरिए तकलीफ देने और सताने से महफूज न हो.

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