'अरे ओ आसमाँ वाले बता इस में बुरा क्या है', साहिर लुधियानवी की प्यार भरी शायरी

Siraj Mahi
Oct 10, 2023

वैसे तो तुम्हीं ने मुझे बर्बाद किया है... इल्ज़ाम किसी और के सर जाए तो अच्छा

अभी न छेड़ मोहब्बत के गीत ऐ मुतरिब... अभी हयात का माहौल ख़ुश-गवार नहीं

तू मुझे छोड़ के ठुकरा के भी जा सकती है... तेरे हाथों में मिरे हाथ हैं ज़ंजीर नहीं

अरे ओ आसमाँ वाले बता इस में बुरा क्या है... ख़ुशी के चार झोंके गर इधर से भी गुज़र जाएँ

कोई तो ऐसा घर होता जहाँ से प्यार मिल जाता... वही बेगाने चेहरे हैं जहाँ जाएँ जिधर जाएँ

मेरे ख़्वाबों में भी तू मेरे ख़यालों में भी तू... कौन सी चीज़ तुझे तुझ से जुदा पेश करूँ

जो मिल गया उसी को मुक़द्दर समझ लिया... जो खो गया मैं उस को भुलाता चला गया

जो मिल गया उसी को मुक़द्दर समझ लिया... जो खो गया मैं उस को भुलाता चला गया

उन का ग़म उन का तसव्वुर उन के शिकवे अब कहाँ... अब तो ये बातें भी ऐ दिल हो गईं आई गई

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