बिरयानी और भारतीय रोजक यहां चोटी के उन आठ लोकप्रिय व्यजंनों में शुमार हैं, जिनके सिंगापुर के लोग दीवाने हैं.
Siraj Mahi
Jul 04, 2023
सैयद कासिम (50) अपनी दुकान पर कई तरह के खाने बेचते हैं.
उन्होंने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि दक्षिण भारतीय प्रवासियों की तीसरी पीढ़ी के वंशज अब भी शौक के साथ बिरयानी बनाते और खाते हैं.
सिंगापुर में रहने वाले कई देशों के लोग रोज खाने में बिरयानी खाना पसंद करते हैं.
कासिम के दादा ने 50 वर्ष पहले यह दुकान खोली थी, जिनके पूर्वज तमिलनाडु के रामनाथनपुरम से आने वाले शुरुआती प्रवासियों में शुमार थे.
सैयद कासिम सिंगापुर में ‘हॉकर’ (अस्थायी दुकान चलाने वाले) हैं, जिनकी संख्या लगातार घटती जा रही है. ऐसे में सिंगापुर में हॉकर संस्कृति को बचाने की कोशिश की जा रही है.
एक दूसरा बहुत मशहूर खाना “भारतीय रोजक” है. यह 23 तरह की तली हुई सब्जियों और मांस से बना होता है.
इसका इस्तेमाल पिसी हुई मूंगफली और इमली से बनी ग्रेवी के साथ किया जाता है.
सगुबर सादिक (38) भारतीय मूल की तीसरी पीढ़ी के एक और फेरीवाले हैं जो सिंगापुर में भारतीय व्यंजनों की दुकानों को कायम रखे हुए हैं. इसकी शुरुआत उनके पिता ने 34 साल पहले की थी.
पारंपरिक खानों को बढ़ावा देने के लिए मकामी गैस आपूर्तिकर्ता ‘सिटी एनर्जी’ की तरफ से जारी की गई सूची में दूसरा खाना लक्सा (नारियल के दूध की ग्रेवी में नूडल्स), चिकन चावल, होकियेन मी और चेर केवे टीव (तले हुए चीनी नूडल्स) शामिल हैं.