अंडे नहीं देते सापों की सिर्फ 70 फीसद प्रजातियां ही अंडे देती हैं. बाकी ठंडे देशों में रहने वाले साप अंडे नहीं देते. यह सांप जिंदा बच्चे देते हैं. ठंडे देशों में इनके अंडे जिंदा नहीं रहेंगे.
नहीं होती पलकें सांप ज्यादा खतरनाक इसलिए भी लगते हैं, क्योंकि इनकी पलकें नहीं होतीं. सांप खुली आखों से ही सोते हैं. इनकी आंखों की सुरक्षा के लिए इनकी आंखों पर झिल्ली होती है.
अलग-अलग गति सांपों के पास रेंगने के लिए अलग-अलग गति होती है. सांप घास पर, रेत पर या चिकनी सतह पर चलने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. कई बार उन्हें चलने के लिए ज्यादा ऊर्जा का इस्तेमाल करना पड़ता है.
ठंडे नहीं होते सांपों के खून को ठंडा कहा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. सांपों के शरीर का तापमान बदलता रहता है. वह सूरज के जरिए अपने तापमान को मिंटेन करते हैं.
बहुत प्रजातियां पूरी दुनिया में सांपों की 3,789 प्रजातियां पाई जाती हैं. ये तीस अलग-अलग परिवारों से आते हैं. ऑस्ट्रेलिया में सांपों की सबसे ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं.
निगलते हैं सांपों के साथ यह दिक्कत है कि वह कुछ भी चबा नहीं सकते, बल्कि वह उसे पूरा का पूरा निगलते हैं. सांप अपने सिर से 100 फीसद बड़ी चीजों को आसानी से निगल सकते हैं. इनका पाचन तंत्र काफी मजबूत होता है.
जबान से सूंघते हैं सांपों के पास नथुने होते हैं लेकिन वह इससे सूंघने का काम नहीं लेते, बल्कि वह अपनी जबान से सूघते हैं. सापों की सूंघने की क्षमता काफी ज्यादा होती है. इनकी जबान कई रासायनिक संकेतों को पकड़ लेती है.