Toote Dil Ki Shayari: 'तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊंगा', पढ़ें टूटे हुए दिल की शायरी

Siraj Mahi
Aug 13, 2023

रईस सिद्दीक़ी
तिरे सुलूक का ग़म सुब्ह-ओ-शाम क्या करते। ज़रा सी बात पे जीना हराम क्या करते

निज़ाम रामपुरी
तेरे ही ग़म में मर गए सद-शुक्र। आख़िर इक दिन तो हम को मरना था

मुनीर नियाज़ी
कुछ दिन के बा'द उस से जुदा हो गए 'मुनीर'। उस बेवफ़ा से अपनी तबीअत नहीं मिली

अहमद फ़राज़
हो दूर इस तरह कि तिरा ग़म जुदा न हो। पास आ तो यूँ कि जैसे कभी तू मिला न हो

हफ़ीज़ होशियारपुरी
ज़माने भर के ग़म या इक तिरा ग़म। ये ग़म होगा तो कितने ग़म न होंगे

ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर
करूंगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम। मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता

क़ैसर-उल जाफ़री
तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे। मैं एक शाम चुरा लूं अगर बुरा न लगे

बशीर बद्र
तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा। यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो

जोश मलसियानी
जिस को तुम भूल गए याद करे कौन उस को। जिस को तुम याद हो वो और किसे याद करे

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