क्या होता है रमजान का पहला अशरा? जानें इसका मतलब और अहमियत
Siraj Mahi
Mar 19, 2024
रमजान रमजान का मुबारक महीना आ गया है. इन दिनों रमजान का पहला अशरा चल रहा है. रमजान पूरे एक महीने का होता है.
तीन हिस्से रमजान के महीने को तीन हिस्सों में बांटा गया है. इसे अशरा कहते हैं. पहला अशरा 1 से 10 तारीख तक, दूसरा अशरा 11 से 20 तारीख तक और तीसरा अशरा 21 से 30 तक होता है.
अशरा पहला अशरा यानी 1 से 10 दिन तक खुदा की रहमत वाला माना जाता है. इस दौरान मुसलमानों पर अल्लाह की रहमत नाजिल होती है.
रहमत पैगंबर मोहम्मद की एक हदीस है जिसका मफहूम है रमजान का पहला अशरा रहमत वाला है, दूसरा अशरा अपने गुनाहों की माफी मांगने का है और तीसरा जहन्नम की आग से अल्लाह की पनाह चाहने वालों का है.
इबादत कई आलिम बताते हैं कि रमजान के पहले अशरे में ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी चाहिए. ताकि बंदों पर अल्लाह की रहमत नाजिल है.
गुनाह माफ 1 से 10 तारीख तक अल्लाह भी अपने बंदों की सुनता है और वह उन पर अपनी रहमत नाजिल कर उन्हें बख्श देता है.
गुप्त इबादत हैदराबाद मौलाना मुजम्मिल अहमत सिद्दीकी बताते हैं कि रोजा एक इबादत है. यह ऐसी इबादत है जो अल्लाह और उसके बंदे के दरमियान होती है.