What is UCC?
पीएम मोदी के यूनीफॉर्म सिविल कोड पर बयान के बाद इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है. अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर यूसीसी क्या है?

Sami Siddiqui
Jun 30, 2023

क्या है यूसीसी (यूनिफॉर्म सिविल कोड)?
यूनीफॉर्म सिविल कोड भारत में एक प्रस्ताव है जिसका उद्देश्य धर्मों, रीति-रिवाजों और परंपराओं पर आधारित व्यक्तिगत कानूनों को धर्म, जाति, पंथ, यौन अभिविन्यास और लिंग के बावजूद सभी के लिए एक समान कानून के साथ बदलना है.

धार्मिक कानूनों पर असर
आसान भाषा में समझें तो इसके आने के बाद ज्यादातर धार्मिक कानून बेकार हो जाएंगे. जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ और 1956 के हिंदू उत्तराधिकार जैसे कई कानून शामिल है.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसाार औरत अपने पति की संपत्ति की हकदार हैं. जो बच्चों की उपस्थिती के आधार पर 1/8 या 1/4 है. लेकिन बटियों की हिस्सेदारी बोटों की तुलना में आधी है.

इसाईयों और पारसियों को ये अधिकार
वहीं इसाइयों, पारसियों और यहूदियों के लिए 1925 का उत्तराधिकारी कानून लागू होता है. ईसाई महिलओं को बच्चों या दूसरे रिश्तेदारों की मौजूदगी के आधार पर निर्धारित हिस्सा मिलता है.

पारसी
वहीं पासरी विधवाओं को उनके बच्चों के समान हिस्सा मिलता है. वहीं अगर मरने वाले शख्स के माता पिता जिंदा हैं तो बच्चे का आधा हिस्सा उनके माता पिता को मिलता है.

संविधान में कही गई है ये बात
संविधान के अनुच्छेद 44 में कहा गया है कि राज्य को पूरे भारत के क्षेत्र में लोगों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए.

यूसीसी किन चीजों पर डालेगा असर
यूसीसी ना सिर्फ जमीन बल्कि और चीजों को भी समान करने का काम करेगा. देश में मौजूद सभी धर्मों के लिए एक तरह के कानून होंगे.


यूसीसी आने के बाद शादी, तलाक, अडॉप्शन, गार्जियनशिप और विरासत से जुड़े धार्मिक नियमों को खत्म कर सकता है.

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