ज़ुबैर अली ताबिश
आज तो दिल के दर्द पर हँस कर... दर्द का दिल दुखा दिया मैंने

Tauseef Alam
Sep 07, 2023

ज़ुबैर अली ताबिश
तुम्हारा सिर्फ़ हवाओं पे शक गया होगा... चराग़ ख़ुद भी तो जल जल के थक गया होगा

ज़ुबैर अली ताबिश
कोई तितली निशाने पर नहीं है... मैं बस रंगों का पीछा कर रहा हूँ

ज़ुबैर अली ताबिश
उस के ख़त रात भर यूँ पढ़ता हूँ... जैसे कल इम्तिहान हो मेरा

ज़ुबैर अली ताबिश
वो जिस ने आँख अता की है देखने के लिए... उसी को छोड़ के सब कुछ दिखाई देता है

ज़ुबैर अली ताबिश
किसी भूके से मत पूछो मोहब्बत किस को कहते हैं... कि तुम आँचल बिछाओगे वो दस्तर-ख़्वान समझेगा

ज़ुबैर अली ताबिश
हमारा दिल तो हमेशा से इक जगह पर है... तुम्हारा दर्द ही रस्ता भटक गया होगा

ज़ुबैर अली ताबिश
बिछड़ कर भी हूँ ज़िंदा रहने वाला... तू होता कौन है ये कहने वाला

ज़ुबैर अली ताबिश
शायद क़ज़ा ने मुझ को ख़ज़ाना बना दिया... ऐसा नहीं तो क्यूँ मुझे दफ़ना रहे हैं लोग

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