Afghanistan Male tailors cannot sew women clothes: महिलाओं पर तरह-तरह के प्रतिबंध आयद करने वाले तालिबान प्रशासन ने कहा है कि देश में कोई भी पुरुष दर्जी महिलाओं के कपड़े सिलने के लिए उनकी नाप नहीं ले सकता है.
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काबुलः अफगानिस्तान में काबुल सरकार ने एक नया फरमान जारी किया है, जिसके बाद वहां के दर्जियों पर नई मुसीबत आ गई है. तालिबान सरकार ने कहा है कि कोई भी पुरुष दर्जी महिलाओं के कपड़े नहीं सिएगा. इस फरमान को लेकर दर्जी का काम करने वाले पुरुषों के सामने रोजी-रोटी की नई समस्या खड़ी हो सकती है, क्योंकि ज्यादातर पुरुष दर्जी ही महिलाओं के कपड़े सिलने का काम करते हैं.
नाम न छापने की शर्त पर एक पुरुष दर्जी ने बताया कि इस संदर्भ में सरकार का कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन तालिबान के जो स्थानीय प्रशासन या कार्यकर्ता हैं, उन लोगों ने जुबानी तौर पर आदेश दिया है कि कोई भी पुरुष दर्जी महिलाओं के कपड़े सिलने का काम नहीं करेगा. अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
तालिबान ने कहा नाप नहीं ले सकता पुरुष दर्जी
वहीं, इस मामले में तालिबान के अधिकारियों ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि पुरुष दर्जियों को महिलाओं के कपड़े सिलने से नहीं रोका गया है, बल्कि उन्हें इस बात का आदेश दिया गया है कि कोई भी पुरुष दर्जी कपड़े सिलने के लिए महिलाओं की नाम नहीं लेगा. महिलाओं के कपड़ों की नाम सिर्फ महिला ही ले सकती है.
जब महिलाएं नौकरी या रोजगार नहीं करेगी तो कौन लेगा कपड़ों का नाप
तालिबान के इस आदेश को लोग विवादित मान रहे हैं. अगर पुरुष दर्जी महिलाओं के कपड़े की नाम नहीं भी लेते हैं, तो आखिर कपड़े का नाम कौन लेगा. तालिबान ने पहले से ही महिलाओं के नौकरी और कोई रोजगार करने पर रोक लगा दी है. ऐसे में अगर कोई पुरुष दर्जी सिर्फ महिला ग्राहकों के कपड़ों की नाम लेने के लिए चाहे की किसी महिला कर्मचारी को काम पर रख ले, तो भी वह ऐसा नहीं कर सकता है. ऐसे में अफगानिस्तान के लाखों लोगों और उनके परिवार पर आर्थिक संकट आ जाएगा.
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में सत्ता संभालते ही तालिबान ने महिलाओं के नौकरी करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. महिलाएं अकेले में बिना पर्दा के बाजार भी नहीं जा सकता है. वह किसी पार्क या जिम में नहीं जा सकती है. स्कूल और कॉलेजों में उनकी पढ़ाई पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.
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