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दुबईः ईरान में उन दो समलैंगिक युवकों को फांसी दे दी गई, जो यौन उत्पीड़न के इल्जाम में दोषी करार दिए जाने और मौत की सजा सुनाए जाने के बाद बीते छह साल से जेल में बंद थे. एक मानवाधिकार समूह ने यह जानकारी दी है. समलैंगिक, उभयलिंगी और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए दुनिया के सर्वाधिक दमनकारी देशों में से एक माने जाने वाले ईरान में समलैंगिकता अपराध है.
पुरुषों को यौन संबंध बनाने के लिए बाध्य करने का था इल्जाम
‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ की तरफ से इतवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जिन दो युवकों को फांसी दी गई है, उनकी पहचान मेहरदाद करीमपुर और फरीद मोहम्मदी के रूप में हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों युवकों को ‘‘दो पुरुषों को यौन संबंध बनाने के लिए बाध्य करने’’ के अपराध में मौत की सजा सुनाई गई थी और राजधानी तेहरान से लगभग 500 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मराघे शहर की एक जेल में उन्हें फांसी दे दी गई.
ईरान में पिछले वर्ष 299 लोगों को फांसी दी गई
मानवाधिकार समूह ने बताया कि मराघे में बीते साल जुलाई में भी दो युवकों को इसी अपराध में फांसी दी गई थी. समूह के मुताबिक, ईरान में पिछले वर्ष कुल 299 लोगों को फांसी दी गई थी. इनमें चार दोषी ऐसे थे, जिन्हें छोटी उम्र में किए गए अपराध के लिए सजा सुनाई गई थी. ईरानी कानून के तहत यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म, व्याभिचार, सशस्त्र डकैती और हत्या ऐसे अपराधों में शामिल है, जिनके दोषियों को मौत की सजा दी जा सकती है.
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