Blasphemy in Pakistan: पाकिस्तान का ईशनिंदा कानून वहां के अल्पसंख्यकों के लिए काला कानून बन गया है. किसी को भी इस कानून में फंसा कर सजा दिलवाई जा सकती है. ताजा मामले में पवित्र ग्रन्थ की बेअदबी करने के आरोपी को लोगों ने थाने में घुस कर मार डाला है.
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लाहौरः पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शनिवार को एक हिंसक भीड़ ने एक थाने पर धावा बोलकर ईशनिंदा के एक आरोपी शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी. पुलिस अफसर ने बताया कि यहां से करीब 80 किलोमीटर दूर ननकाना साहिब के वार्बर्टन में उग्र भीड़ ने थाने पर धावा बोलकर ईशनिंदा के मुल्जिम वारिस ईसा को अपने कब्जे में ले लिया और भीड़ ने ईसा को पहले निर्वस्त्र कर दिया और फिर पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी.
तस्वीर चिपकाकर जादू-टोना करता था
— Waqas Arshad (@AshadWaqas) February 11, 2023
ईसा को पवित्र ग्रंथ कुरान शरीफ की कथित बेअदबी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, इलाके के लोगों ने दावा किया है कि दो साल बाद जेल से छूटकर बाहर आए शख्स ने पवित्र ग्रंथों पर अपनी और अपनी पूर्व पत्नी की तस्वीर चिपकाकर जादू-टोना करता था. इस शख्स के साथ मारपीट की वारदात के कई वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. एक वायरल वीडियो में बच्चों समेत भीड़ को थाने की गेट पर चढ़ते हुए देखा जा सकता है.
कानून- व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत नहीं
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस वारदात में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का हुक्म दिया है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्यों पुलिस हिंसक भीड़ को रोक पाने में नाकाम हुई ? उन्होंने पंजाब में पुलिस महानिरीक्षक को जिले में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया देते हुए कहा है कि किसी को भी कानून- व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए.’’
गौरतलब है कि पिछले साल भी एक श्रीलंकाई नागरिक की पाकिस्तान में हिंसक भीड़ ने हत्या कर दी थी. एक वस्त्र निर्माण कंपनी में प्रबंधक प्रियंता कुमार पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर उन्हें जिंदा जला दिया गया था, जबकि उनका कसूर बस इतना था कि उन्होंने अपनी कंपनी की दीवार पर तहरीके लबबैक नामक एक संगठन के पोस्टर को वहां से हटावा दिया था. हालांकि इस मामले में पाकिस्तान की अदालत ने छह माह के अंदर ही सात दोषियों को मौत की सजा और भीड़ में शामिल लगभग 700 लोगों को जेल की सजा सुनाई थी.
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