महामारी में है कहीं घूमने का प्लान तो दुबई में फिजिकल डिस्टैंसिंग के साथ नौकायन भर सकता है आप में रोमांच

गुजिश्ता एक साल से दुनिया भर के ठप पड़े टूरिज्म इंडस्ट्री का असर दुबई में भी पड़ा है. यहां कोविड-19 वबा की वजह से सैयाहों का आना बंद हो गया है. हालांकि दुबई अब फिजिकल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखकर टूरिस्टों को नौकायन का मौका फराहम करा रहा है.  

 महामारी में है कहीं घूमने का प्लान तो दुबई में फिजिकल डिस्टैंसिंग के साथ नौकायन भर सकता है आप  में रोमांच
अलामती तस्वीर

दुबई. दुनिया भर के टूरिस्टों के लिए यूनाईटेड अरब अमिरात का दुबई शहर बेहद हॉट डेस्टिनेशन माना जाता है. खर्च के लिहाज से काफी महंगा शहर होने के बावजूद लोग यहां मौज-मस्ती के लिए पानी की तरह पैसा खर्च करते हैं. हालांकि गुजिश्ता एक साल से दुनिया भर के ठप पड़े टूरिज्म इंडस्ट्री का असर दुबई में भी पड़ा है. यहां कोविड-19 वबा की वजह से सैयाहों का आना कम या सच कहें तो एक तरह से बंद हो गया है. हालांकि दुबई ने कोविड-19 महामारी में भी दुनिया भर के टूरिस्टों के वापस खींच लाने का लिए एक नया रास्ता निकाल लिया है. दुबई अब फिजिकल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखकर टूरिस्टों को नौकायन का मौका फराहम करा रहा है. आप अगर इस कोविड वबा के दौरान भी कहीं घूमने फिरने का मन बना रहे हों तो दुबई का नौकायन आप और आपके परिवार के लिए बेहद महफूज और रोमाचक आउटिंग का डेस्टिनेशन हो सकता है.  

बेहद रोमांचक होता है नौकायन 

दुबई के शहर से अलग अरब की खाड़ी में भी टूरिस्टों की एक अलग दुनिया बसती है. यहां अरब सागर के नीले पानी पर हिचकोले खाते हुए खड़े सफेद याच और उसकी सवाड़ी किसी भी टूरिस्ट के अंदर रोमांच भर देता है. खाड़ी से लगे सरहद और उसके अंदर टापुओं पर याचिंग का मजा लेने लोग दूर-दूर से आते हैं. समुद्र में नौकायन करते हुए एक पर्यटक दुबई की ऊँची- ऊँची इमारतों के आलीशान और खूबसूरत वास्तुकला का भी दीदार कर लेता है. इसमें खाने-पीने से लेकर तमाम तरह की सहूलतें मुहैय्या कराई जाती है.  

कितना आता है खर्च 
रॉयल स्टार याच चार्टर कंपनी के मैनेजर मोहम्मद अल सैयद कहते हैं, “141 फीट लंबी याच, जिसकी क्षमता 80 पैसेंजर्स की होती हैए इसका तीन घंटे का किराया 4,900 डॉलर तक होता है. वहीं अगर आप 90 फीट लंबी याच हायर करते हैं तो इसका तीन घंअे का किराया 1,225 डॉलर तक होता है. इसमें 65 लोग आसानी से सफर कर सकते हैं. दुबई में कोविड वबा के पहले हर साल 19 मिलियन गैर मुल्की सैयाह आते थे, लेकिन महामारी के बाद इसका आंकड़ा अब दो मिलियन से भी कम हो गया है. नौकायन कराने वाली कंपनियों को उम्मीद है कि वह याचिंग के जरिए एक बार फिर विदेशी टूरिस्टों को महामारी में भी दुबई आने पर मजबूर कर देंगे.  

फिजिकल डिस्टेंसिंग का होता है पालन
सऊदी अरब की 36 वर्षीय नागरिक नदा नईम कहती हैं, ’’याचिंग बेहद निजी टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्वाइंट है. आप अपने दोस्तों और फैमिली के साथ यहां आउटिंग कर सकते हैं. यहां अभी याच के कुल क्षमता में सिर्फ 70 फीसदी पैसेंजर्स ही बैठाए जाते हैं. अगर आप छोटे याच हायर करते हैं तो सिर्फ आप और आपकी फैमिली इसमें रहेगी. नदा कहती हैं, ’’महामारी के बाद खुल रहे टूरिज्म उद्योग में सबसे अच्छी रिकवरी याचिंग कंपनियों की हो रही है. रोजाना गैर मुल्की सैयाहों की तादाद में इजाफा हो रहा है. यहां कोविड गाइडलाइन का मुक्कमल तौर पर पालन किया जाता है. 

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