Google ला रहा है खास सर्विस, इस मामले में 6 घंटे पहले ही आपको कर देगा ALERT

गूगल (Google) अपनी टेक्नोलॉजी को दिन ब दिन और बेहतर करने की कोशिश में लगा हुआ है. हाल ही में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की सटीक शनाख्त से सुर्खियों में आने वाला गूगल अब एक और तकनीक लाने की तैयारी में मसरुफ है. कंपनी ने दावा किया है कि मौसम को लेकर आपको 6 घंटे पहले बिलकुल सही जानकारी दे दी जाएगी. इसके लिए अब तक तमाम रिसर्च उम्मीदों पर खरी साबित हुयी हैं.

Google ला रहा है खास सर्विस, इस मामले में 6 घंटे पहले ही आपको कर देगा ALERT

नई दिल्ली: गूगल (Google) अपनी टेक्नोलॉजी को दिन ब दिन और बेहतर करने की कोशिश में लगा हुआ है. हाल ही में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की सटीक शनाख्त से सुर्खियों में आने वाला गूगल अब एक और तकनीक लाने की तैयारी में मसरुफ है. कंपनी ने दावा किया है कि मौसम को लेकर आपको 6 घंटे पहले बिलकुल सही जानकारी दे दी जाएगी. इसके लिए अब तक तमाम रिसर्च उम्मीदों पर खरी साबित हुयी हैं.

AI की मदद से हासिल हुये सही अलर्ट
हाल ही में Google ने इस हफ्ता के एक ब्लॉग पोस्ट में नई रिसर्च शोध को शेयर किया. इस रिसर्च के मताबिक गूगल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) मशीन लर्निंग की मदद से मौसम की पेशेनगोई करने में बिल्कुल दुरुस्त साबित हो रहा है. रिसर्चरों ने बताया कि किस तरह उन्होंने कुछ ही मिनटों के हिसाब किताब के बाद ही 6 घंटे में होने वाली बारिश की पेशेनगोई की थी, जो बाद में बिल्कुल दुरुस्त निकली. मामले से मतअल्लिक माहिरीन का कहना है कि जल्द ही Google भी मौसम की पेशेनगोई (Weather forecast) के शोबे में क़दम रखने जा रहा है. हालांकि अभी तक कंपनी ने इसे मौजूदा गूगल सर्विसिज़ में शामिल नहीं किया है. लेकिन जल्द ही पूरी दुनिया में इससे जुड़ी सर्विस बहाल की जा सकती है. कंपनी इस सर्विस को कमर्शियल सतह पर भी लॉन्च करेगी. मौसम से जुड़ी जानकारियों से ज़राअत जैसे शोबों को ज़बरदस्त फायदा पहुंच सकता है.

क्यों देरी होती है मौजूदा मौसम पेशेनगोई में ?
गूगल अफसरों का कहना है कि मौजूदा हालात में सेटेलाइट से मिलने वाले आंकड़ों को एक अमल के तहत सुपरकंम्युटर की मदद से प्रोसेस किया जाता है. सभी प्रोसेस को सिलसिलवार तरीके से पूरा होने और जानकारी मिलने तक काफी देरी हो जाती है. गूगल का कहना है कि कंपनी सभी मुशुकिल प्रोसेस को हटा कर सीथे मौजूदा राडार में मिलने वाले आंकड़ों की बुनियाद पर सही जानकारी देने में अहल है. अभी तक किए गए फोरकास्टिंग पूरी तरह से दुरुस्त साबित हुए हैं.