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नई दिल्ली: पाकिस्तान के घोटकी की एक सेशन अदालत ने 'ईशनिंदा' के आरोप में एक हिंदू व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है. समा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक नौतन लाल पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. एडीशनल न्यायाधीश मुमताज अली सोलंगी ने मंगलवार को फैसला सुनाया. अदालत को आखिरी हुक्म पारित करने में दो साल लग गए. नौतन लाल 2019 से एक विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में है.
नौतन लाल के खिलाफ भी धारा 295-सी (अपमानजनक टिप्पणी का उपयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया था. रिपोर्ट में कहा गया कि उसे वापस सुक्कुर की सेंट्रल जेल भेज दिया गया है. पिछले दो सालों में जमानत के लिए उनकी गुज़ारिश को दो बार खारिज कर दिया गया है.
सोशल मीडिया पर 14 सितंबर, 2019 को एक वीडियो शेयर किया गया था जिसमें फर्स्ट इयर के छात्र, एक किशोर ने दावा किया था कि घोटकी के सिंध पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल के मालिक ने खुद को ईशनिंदा किया था. टीचर्स के मुताबिक हालांकि, नौतन लाल उस दिन बस ऐसे ही आए थे. वह हकीकत में अपने स्कूल में पढ़ाते नहीं है. रिपोर्ट में कहा गया कि वह सरकारी डिग्री कॉलेज घोटकी में भौतिकी के शिक्षक हैं.
इसके फौरन बाद, एक मदरसे के चीफ, जमात अहले सुन्नत के मुफ्ती अदुल करीम सईदी ने स्कूल के मालिक के खिलाफ ईशनिंदा का मामला दर्ज किया. समा टीवी ने बताया कि मामला दर्ज होने की रात जिले में हिंसा भड़क गई. खबर फैलते ही नकाबपोशों ने घोटकी के सचो सतराम धाम मंदिर पर हमला कर दिया. उन्होंने मंदिर में तोड़फोड़ की, उसकी मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया और उसकी नीली और हरी दीवारों को तोड़ दिया.
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