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Indian Mango Festival In Baku: अज़रबैजानी की राजधानी बाकू में भारतीय दूतावास ने रविवार (5 जुलाई) को 'ग्रेट इंडियन मैंगो फेस्टिवल' का आयोजन किया, जिसमें भारत के मशहूर 'फलों के राजा' (आम) का असली स्वाद अज़रबैजान तक पहुँचाया गया. दूतावास की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस फेस्टिवल को ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली. इसमें कई मुल्कों और बैनुल अकवामी तंजीमों के राजदूत, राजनयिक कोर के मेंबर्स, सरकार और दीगर तंजीमों के अहम हस्तियाँ, व्यापार जगत के प्रतिनिधि, मीडिया पेशेवर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, भारतीय बिरादरी के मेंबर और बड़ी तादाद में अज़रबैजानी नागरिक शामिल हुए.
प्रेस रिलीज में कहा गया है कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर इस फेस्टिवल को लेकर काफ़ी उत्साह था; ऐलानों और एडवर्टाइजमेंट ने लोगों में काफ़ी दिलचस्पी पैदा की थी. शाम भर दूतावास में लोगों की भारी भीड़ देखी गई. आगंतुकों ने प्रीमियम भारतीय आमों की कई किस्मों का स्वाद लिया, जिनमें दुनिया भर में मशहूर अल्फोंसो, बादामी, केसर और अन्य लोकप्रिय किस्में शामिल थीं. मेहमानों का खैर मकदम करते हुए, अज़रबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार ने फेस्टिवल को मिली ज़बरदस्त प्रतिक्रिया पर खुशी ज़ाहिर की. उन्होंने इसे भारत और अज़रबैजान के बीच सांस्कृतिक और लोगों के आपसी रिश्तों को मज़बूत करने की दिशा में एक और अहम कदम बताया.
अपने संबोधन में राजदूत कुमार ने कहा कि भारत दुनिया में आम का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और यहाँ सैकड़ों अनोखी किस्में उगाई जाती हैं. उन्होंने कहा कि हर किस्म भारत की समृद्ध भौगोलिक और कृषि विविधता को दर्शाती है और साथ ही अलग-अलग स्वाद, खुशबू और बनावट भी देती है. अज़रबैजान में भारतीय आमों के भविष्य को लेकर भरोसा जताते हुए राजदूत कुमार ने कहा कि आम की आलमी मकबूलियत को देखते हुए उन्हें यकीन है कि अज़रबैजान के लोग भी इनके बेहतरीन स्वाद और विविधता को पसंद करेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय आम अज़रबैजान के घरों, डाइनिंग टेबल और रसोई का एक अहम हिस्सा बनेंगे. उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शानदार स्वाद के अलावा आम बहुत पौष्टिक भी होते हैं. इनमें डाइटरी फाइबर, ज़रूरी विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो इन्हें स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल बनाते हैं.
फेस्टिवल को अज़रबैजानी आगंतुकों से ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिनमें से कई लोगों ने पहली बार भारतीय आमों का स्वाद चखा. दूतावास की प्रेस रिलीज के मुताबिक आसिफ मम्मादोव, जिन्होंने पहली बार भारतीय आमों का स्वाद चखा, ने इस अनुभव को 'अनफॉरगेटेबल' बताया. उन्होंने कहा कि वे इनके बेहतरीन स्वाद और खुशबू से "बहुत मुतासिर" हुए, और उन्हें खास तौर पर अल्फोंसो और बादामी किस्में पसंद आईं. भारतीय आमों को फलों का असली "राजा" बताते हुए, उन्होंने कहा कि स्वाद की क्वालिटी में कोई दीगर फल इनका मुकाबला नहीं कर सकता. उन्होंने अज़रबैजान के आयातकों और खुदरा सेलर्स से भारतीय आमों को अज़रबैजान लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करने का गुजारिश की. उन्होंने पारंपरिक भारतीय आम लस्सी की भी तारीफ की और इसे अब तक के सबसे ताज़गी भरे पेय पदार्थों में से एक बताया.