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मैड्रिड में इस्लामोफोबिक नारों पर फूटा गुस्सा, स्पेन के FIFA वर्ल्ड कप फाइनल की दावेदारी पर मंडराया खतराया!

Islamophobic Slogans in Spain Football Match: स्पेन में एक फुटबॉल मैच के दौरान मुस्लिम विरोधी और नस्लभेदी नारों ने विवाद खड़ा कर दिया. स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल ने इस घटना पर नाराजगी का इजहार करते हुए आपत्तिजनक नारा लगाने वालों नफरत और नासमझ बताया. एक्सपर्ट्स की मानें तो यह घटना 2030 वर्ल्ड कप फाइनल की मेजबानी की दावेदारी पर भी असर डाल सकती है.

नस्लभेदी नारे लगने के बाद स्क्रीन पर लगी चेतावनी और लामिन यमाल (बाएं)
नस्लभेदी नारे लगने के बाद स्क्रीन पर लगी चेतावनी और लामिन यमाल (बाएं)

Spain News: हालिया दिनों में दुनिया के कई हिस्सों में मुसलमानों को मजहब के नाम पर भेदभाव और नफरत का सामना करना पड़ रहा है. हालिया घटना स्पेन से सामने आई है, जिसने एक बार फिर इस गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है. स्पेन में मुसलमानों के साथ भेदभाव और हिंसा पर लगामा लगाने के लिए वहां की सरकार ने कई कदम उठाए हैं, इसके बावजूद एक मशहूल फुटबाल लीग में आपत्तिजनक नारा लगाने की घटना ने लोगों को सकते में डाल दिया है. 

दरअसल, पूरा मामला स्पेन की राजधानी मैड्रिड की है. स्पेन और मिस्त्र के बीच एक फ्रेंडली मैच हुआ था, इस दौरान कई चरमपंथी संगठनों के समर्थकों ने इस्लामोफोबिक और मुसलमानों के खिलाफ नस्लभेदी नारे लगाए थे. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हंगामा खड़ा हो गया.  देश के स्टार फुटबॉलर लामिन यमाल इस घटना की कड़ी निंदा की है. 

बताया जा रहा है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब स्पेन 2030 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल की मेजबानी हासिल करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है, लेकिन इस विवाद ने उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि को धूमिल कर दिया. एक्सपर्ट के मुताबिक, इस्लामोफोबिक और मुसलमानों के खिलाफ नस्लभेदी नारे वाली घटना फीफा वर्ल्ड कप फाइनल की मेजबानी हासिल करने की दावेदारी कमजोर कर सकती है. 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मैच बार्सिलोना में खेला गया था, जो ड्रा हो गया था. मैच के दौरान दर्शकों के एक ग्रुप ने आपत्तिजनक नारे लगाए. उनमें से एक नारा था, "जो नहीं उछलेगा, वह मुसलमान है." यह नारा न सिर्फ भेदभावपूर्ण था, बल्कि एक पूरे समुदाय का मजाक उड़ाने जैसा था. इस नारे को सुनकर आयोजक भी हैरान रह गए.

नस्लभेदी और विवादास्पद नारे को रोकने और हालात को सामान्य करने के लिए स्टेडियम अधिकारियों ने चेतावनी जारी की और मैदान में लगी बड़ी स्क्रीन पर नस्लवाद विरोधी कानून की याद दिलाई. इसके बावजूद कुई कट्टरपंथी दर्शकों ने इसे नजरअंदाज कर दिया और अपनी हरकतें जारी रखीं. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र के राष्ट्रीय गान के दौरान भी दर्शकों ने सीटी बजाकर माहौल खराब किया.

इस घटना पर लामिन यमाल ने नाराजगा की इजहार किया. इस घटना को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक भावुक पोस्ट लिखा. लामिन यमाल का ताल्लुक मुस्लिम समुदाय से हैं. उनके पिता मोरक्कन मूल के हैं और मां इक्वेटोरियल गिनी की हैं. फिलहाल उनके पास स्पेन की नागरिकता है. लामिन यमाल ने अपनी पोस्ट में लिखा, "मैं एक मुसलमान हूं. स्टेडियम में लगाए गए ऐसे नारे किसी भी मजहब का मजाक उड़ाने की तरह हैं और यह पूरी तरह अस्वीकार्य है. जो लोग ऐसा करते हैं, वे नासमझ और नस्लवाद से भरे हुए हैं."

बता दें, साल 2030 का फीफा वर्ल्ड कप तीन देशों की मेजबानी खेला जाएगा. इसका आयोजन स्पेन, पुर्तगाल और मोरक्को की मेजबानी में खेला जाएगा. किस देश के की मेजबानी में कितने मैच खेले जाएंगे और फाइनल किस देश के स्टेडियम में खेला जाएगा, यह अभी कंफर्म नहीं है. फाइनल की मेजबानी की दौड़ में स्पेन की दावेदारी मजबूत है, लेकिन यहां नस्लवाद और हालिया घटना को देखते हुए उसकी दावेदारी कुछ हदतक कमजोर हुई है.

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Raihan Shahid

रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू...और पढ़ें

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