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भारत, यूरोप समेत दुनियाभर के कई मुल्कों में दक्षिणपंथी विचारधारा वाले दल अपनी सियासी रोटी सेंकने लिए मुसलमानों को बलि का बकरा बनाते है और उनके खिलाफ लगातार नफरत और हिंसा को बढ़ावा देते हैं. यह नफरत की आग अब इटली तक पहुंच चुकी है.जिसमें इटली की जॉर्जिया मेलोनी भी बुर्के पर पाबंदी लगाने की तैयारी कर रही है. इटली की रूलिंग पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली का कहना है कि वह देश भर के सभी सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब से चेहरा और शरीर ढकने पर बैन लगाने वाला बिल पेश करने की तैयारी कर रही है.
इसके साथ ही बिल में मस्जिदों की फंडिंग को भी रोकने का प्रावधान है, ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी की इमिग्रेशन चीफ सारा केलानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर में इस बिल के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. मेलानी का कहनै है 'हम इटली में अपने कानूनों को लागू करेंगे, जो विशिष्ट मूल्यों पर आधारित हैं.
बुर्का पहनने पर लगेगा 3 लाख तक का जुर्माना
पॉलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक पाबंदी के तहत दुकानों, स्कूलों और दफ्तरों समेत सभी सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर रोक होगी.प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर 300 से 3000 यूरो लगभग 3 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा. जॉर्जिया मेलोनी सरकार ने देश में बढ़ते इस्लामीकरण का आरोप लगाया है और इस्लामी प्रतीकों के सार्वजनिक प्रदर्शन को सांस्कृतिक अलगाववाद के रूप में बताया है. ऐसे ही स्विट्जरलैंड में भी महिलाओं को सार्वजनिक स्थल पर हिजाब, बुर्का या किसी दूसरे तरीके से पूरी तरहसे मुंह ढकने वाले कपड़े बैन है.
रिपोर्ट के मुताबिक कानून की खिलाफ वर्ज़ी करने पर 1000 स्विस फ्रैंक यानी तकरीबन 96 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. स्विट्जरलैंड दुनिया भर में ऐसा पहला मुल्क है,जिसने बुर्के पर बैन लगाया है.इटली बुर्के पर बैन लगाने वाला यूरोप का सातवां देश बनने जा रहा है.
डेलमास्ट्रो ने कहा कि इटली ने फ्रांस से ये प्रेरणा ली है, जो 2011 में बुर्के पर बैन लगाने वाला पहला यूरोपीय देश था, इसके बाद बेल्जियम, डेनमार्क, स्विटजरलैंड और यूरोप दुनिया के कई दूसरे देशों ने इस्लाम से संबंधित महिलाओं के कपड़ों पर पाबंदी लगा दी है,पॉलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक इटली में 1975 से ही एक कानून है, जो सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा पूरी तरह ढकने से प्रतिबंध लगाता है. हालांकि, इसमें बुर्के का विशेष रूप से उल्लेख नहीं है.