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PoJK Protest Movement: जम्मू-कश्मीर के सामाजिक कार्यकर्ता जावेद अहमद बेग ने रविवार (5 जुलाई) को पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वह उन लोगों के साथ खड़े हैं जो जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के नेता शौकत नवाज मीर और वहां गिरफ्तार किए गए दीगर लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं. हुकूमत की सख्त कार्रवाई और 600 से ज्यादा सिविल राइट वर्कर्स की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बड़े पैमाने पर पाकिस्तान मुखालिफ एहतेजाज शुरू हो गए हैं. जावेद अहमद बेग ने PoJK में मुजाहिरीनों के हिमायत में श्रीनगर में संयुक्त राष्ट्र दफ्तर के बाहर एहतेजाज करने का मनसूबा बनाया था. हालांकि, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एहतेजाज इसके बजाय उनके घर पर आयोजित किया गया.
मुहाजाहिरीनों के प्रति हिमायत व्यक्त करते हुए बेग ने कहा, "पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के सभी जातीय समूहों के हमारे कश्मीरी मुस्लिम भाई-बहन - जिनमें पोथवारी, पहाड़ी, गुजरी (गुज्जर और बकरवाल का मुस्लिम आदिवासी समुदाय), सुधन, मुस्लिम राजपूत, हिंदको, मुगल, अवान, मीरपुरी मुस्लिम, मुस्लिम जाट और नीलम घाटी के जातीय कोशुर-भाषी कश्मीरी मुस्लिम और PoJK के सभी 10 जिलों (मुजफ्फराबाद, नीलम घाटी, हट्टियन बाला, बाग, हवेली, पुंछ, सुधनोती, कोटली, मीरपुर और भीमबर) के लोग शामिल हैं - जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के बैनर तले एकजुट हो रहे हैं और PoJK की विधानसभा इमारत की ओर मार्च कर रहे हैं. वे JKJAAC के नेता शौकत नवाज मीर और अन्य लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं, जिन्हें इस्लामाबाद और रावलपिंडी में बैठे पंजाबी मुस्लिम शासकों के आदेश पर PoJK की कठपुतली पुलिस ने गिरफ्तार किया है।"
उन्होंने आगे कहा, "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के भारतीय केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों की ओर से, मैं PoJK के अपने उन भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त करता हूं जो पाकिस्तान राज्य और उसके पंजाबी मुस्लिम शासक वर्ग के दमन और अत्याचार के खिलाफ लड़ रहे हैं." बेग ने आगे कहा कि सुरक्षा कारणों से श्रीनगर में UN ऑफिस के बाहर होने वाला एहतेजाज नहीं हो सका, जिसके बाद उन्होंने अपने घर से ही PoJK में प्रदर्शन कर रहे लोगों को अपना समर्थन दिया.
यह घटनाक्रम रविवार (5 जुलाई) को पाकिस्तानी फौज के जरिए उन लोगों पर की गई बर्बरता के बाद हुआ है, जो पाकिस्तान सरकार की सख़्त कार्रवाई और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में 600 से ज़्यादा सिविल राइट्स वर्कर्स की गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे थे; मुज़फ़्फ़राबाद के कई इलाकों से गोलाबारी, फ़ायरिंग और झड़पों की ख़बरें भी सामने आई हैं. 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) के जरिए सोशल मीडिया एक्स पहले (ट्विटर) पर दी गई जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों ने मुज़फ़्फ़राबाद में गोलाबारी की और एहतेजाज के दौरान कई नौजवानों की मोटरसाइकिलें तोड़ दीं.