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Malala on Hijab Row: कर्नाटक हिजाब विवाद को लेकर अब पाकिस्तान की सामाजिक कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई (Malala Yousafzai) ने भी अपने रद्देअमल का इज़हार किया है. उन्होंने कहा कि लड़कियों को स्कूल जाने से रोकना काफी खतरनाक है.
उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'लड़कियों को उनके हिजाब में स्कूल जाने से मना करना भयावह है. म या ज्यादा कपड़े पहनने के लिए महिलाओं का वस्तुकरण किया जाता है. भारतीय नेताओं को मुस्लिम महिलाओं को हाशिए पर जाने से रोकना चाहिए.'
“College is forcing us to choose between studies and the hijab”.
Refusing to let girls go to school in their hijabs is horrifying. Objectification of women persists — for wearing less or more. Indian leaders must stop the marginalisation of Muslim women. https://t.co/UGfuLWAR8I
— Malala (@Malala) February 8, 2022
गौरतलब है कि मलाला यूसुफजई (Malala Yousafzai) पाकिस्ताान समेत दुनिया भर में लड़कियों के हुकूक के लिए गाहे-बगाहे अवाज़ उठाती रही है. साल 2011 में तालिबान ने उन्हें लड़कियों के हुकूक के लिए आवज़ उठाने पर गोलियों से भून डाला था, गोली उनके सर पर लगी थी, इसके बाद उन्हें इलाज के लिए ब्रिटेन शिफ्ट किया गया था. साल 2014 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
वहीं, कर्नाटक में हिजाब विवाद ने काफी तूल पकड़ लिया है. रियासत में बढ़ते विवाद को देखते हुए राज्य सरकार ने तीन दिनों के लिए तमाम स्कूल व कॉलेज को बंद करने का हुक्म दिया है. क्षिणपंथी संगठनों की ओर से समर्थित युवा हिन्दू भगवा गमछा डालकर इस मामले में कूद पड़े हैं और कई जगह हिंसा की घटना भी सामने आई हैं.
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