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इस्लामाबादः भारत के प्रधानमंत्री के प्लेन को अपने रास्ते से उड़ाने भरने की इजाजत को कई बार खारिज करने वाले पाकिस्तान (Pakistan) ने मानवीय आधार पर अफगानिस्तान (Afghanistan) में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भारतीय विमान को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है. पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि अफगानिस्तान (Afghanistan) के लिए मानवीय आधार पर भेजी जा रही 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाओं (Wheat and Life Saving Drug) की खेप उसकी सीमा से ले जाने की मंजूरी दिए जाने के बारे में भारत को औपचारिक तौर पर सूचित कर दिया गया है. पाकिस्तान ने इसे मानवता के उद्देश्य से अपवाद के तौर पर दी गई इजाजत करार दिया है. प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को ऐलान किया था कि उनकी सरकार भारत को पारगमन के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के बाद अपने क्षेत्र के माध्यम से अफगानिस्तान में गेहूं की खेप भेजने की अनुमति देगी.
पाक ने नहीं दिया था प्रधानमंत्री के विमान को रास्ता
इससे पहले पाकिस्तान ने साल 2019 और 2020 में प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका और यूरोप दौरे पर जाने में उनके हवाई जहाज को अपने क्षेत्र में उड़ान भरने की इजाजत देने से इंकार कर चुका है. हालांकि एक दो बार वह यह इजाजत दे भी चुका है. वहीं पिछले माह श्रीनगर से खाड़ी देशों के लिए शुरू किए गए विमान सेवा को भी पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र से गुजारने से मना कर चुका है.
सीमा पार से किसी दोतरफा कारोबार की इजाजत नहीं
विदेश कार्यालय (एफओ) ने यहां एक बयान में कहा कि इस संबंध में पाकिस्तान सरकार के फैसले से औपचारिक रूप से विदेश मंत्रालय में भारत मामलों के प्रभारी को अवगत करा दिया गया है. इसने कहा कि पाकिस्तान ने अफगान लोगों के प्रति सद्भावना के रूप में भारत से 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाओं की खेप ले जाने की अनुमति देने का फैसला किया है. वर्तमान में, पाकिस्तान केवल अफगानिस्तान को भारत को माल निर्यात करने की अनुमति देता है, लेकिन सीमा पार से किसी दोतरफा कारोबार की इजाजत नहीं देता है.
भारत ने 50,000 मीट्रिक टन गेहूं भेजने की घोषणा की थी
पिछले महीने भारत ने मानवीय सहायता के रूप में अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं भेजने की घोषणा की थी और पाकिस्तान से वाघा सीमा के माध्यम से खाद्यान्न भेजने का अनुरोध किया था.अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने भी प्रधानमंत्री इमरान खान से अनुरोध किया था कि वह भारत को पाकिस्तान के रास्ते गेहूं परिवहन करने की अनुमति दें. उन्होंने सुझाव दिया था कि तालिबान सरकार भारत से मानवीय सहायता स्वीकार करने को तैयार है.
अफगानिस्तान को 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं दे चुका है भारत
भारत ने अफगानवासियों की मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति में योगदान किया है और इसके तहत पिछले एक दशक में अफगानिस्तान को 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं उपलब्ध कराया गया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सितंबर में अफगानिस्तान में मानवीय स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र की उच्च स्तरीय बैठक में कहा था कि पिछले साल भी भारत ने 75,000 मीट्रिक टन गेहूं भेजकर अफगानिस्तान की सहायता की थी.हालांकि, कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में आई खटास के बीच पाकिस्तान ने अफगानियों को गेहूं उपलब्ध कराने के भारत के प्रयासों पर रोक लगा दी थी.
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