Pakistani Spy in India: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में प्रकाश सिंह नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. जांच में पता चला है कि यह आरोपी पंजाब, राजस्थान और गुजरात जैसे सीमावर्ती इलाकों से सेना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को सोशल मीडिया के जरिए शेयर करता था. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Pakistani Spy in India: पाकिस्तान भारत के अंदर अपनी खुफिया जासुसी का तंत्र मजबूत कर चुका है. भारत की जांच एजेंसियां लगातार ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर रही हैं, जो भारत में रहकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं. ये जासूस भारतीय सेना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को भेजते हैं, जिससे भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को नुकसान पहुंचता है.
दरअसल, राजस्थान के श्रीगंगानगर से प्रकाश सिंह उर्फ बादल नाम के एक जासूस गिरफ्तार किया गया है. प्रकाश सिंह पाकिस्तान के लिए जासूसी करता था और भारतीय सेना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को शेयर करता था. प्रकाश सिंह को CID इंटेलिजेंस की टीम ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है.
आरोपी प्रकाश सिंह पंजाब के फिरोजपुर का रहने वाला है. ये जासूस सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर्स के संपर्क में रहकर भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साझा कर रहा था.
राजस्थान CID इंटेलिजेंस के आईजी प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि एजेंसी लगातार पाकिस्तानी गुप्तचर गतिविधियों पर नजर रखती है. इसी निगरानी के दौरान इनपुट मिला कि प्रकाश सिंह राजस्थान, पंजाब और गुजरात क्षेत्रों से सेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं जमा करके सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान भेज रहा है. 27 नवंबर 2025 को जानकारी मिली कि संदिग्ध प्रकाश सिंह श्रीगंगानगर के साधूवाली सैन्य प्रतिष्ठान के आसपास देखा गया है.
इसके बाद बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम ने उसे वहीं डिटेन किया. प्रकाश सिंह की मोबाइल की जांच में उसके भारतीय, विदेशी—विशेषकर पाकिस्तानी—वॉट्सएप नंबरों से लगातार संपर्क की पुष्टि हुई. संदिग्ध को ज्वाइंट इंटरोगेशन सेंटर, श्रीगंगानगर ले जाकर विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने गहन पूछताछ की. पूछताछ में सामने आया कि ऑपरेशन सिंदूर के समय से ही वह ISI के संपर्क में था. और भारतीय सेना के वाहनों, सैन्य प्रतिष्ठानों, सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, पुल-सड़क-रेल मार्ग व नए निर्माण कार्यों की जानकारी पाकिस्तान भेजता था.
आरोपी प्रकाश सिंह ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के निर्देश पर भारतीय मोबाइल नंबरों से वॉट्सएप चलाने के लिए कई ओटीपी भी उपलब्ध कराए, ताकि दुश्मन देश भारत में जासूसी नेटवर्क चला सके. प्रकाश सिंह बादल ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के बदले पैसे लेता था.