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कोलंबोः श्रीलंका में बढ़ते आर्थिक संकट के बीच सोमवार को प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे (Mahinda Rajapaksa) ने अपना इस्तीफा दे दिया. प्रधानमंत्री महिंदा (76) ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे (President Gotabaya Rajapaksa) को अपना त्याग पत्र सौंपा दिया है. इसके साथ ही कम से कम दो कैबिनेट मंत्रियों ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इस बीच महिंदा राजपक्षे के समर्थकों द्वारा राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे (President Gotabaya Rajapaksa) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों पर हमला किया गया. इस हमले में कम से कम 78 लोग घायल हो गए. श्रीलंकाई अधिकारियों ने सोमवार को पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया.
कोलंबो में तनावपूर्ण स्थिति, समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों पर किया हमला
श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई हैं. आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर राजपक्षे के नेताओं और उनके समर्थकों ने हमला किया है. कोलंबो में प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास, टेंपल ट्रीज पर एकत्र हुए राजपक्षे समर्थकों ने महिंदा राजपक्षे से अपनी सीट पर बने रहने का आग्रह किया और बाद में प्रदर्शनकारियों पर हमला बोल दिया. राजपक्षे के समर्थकों ने आसपास मौजूद झोपड़ियों में आग लगा दी, जहां कुछ लोग भूख हड़ताल पर बैठे थे.
श्रीलंका में कर्फ्यू, कोलंबो में सेना तैनात
श्रीलंकाई अधिकारियों ने सोमवार को पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया. इस बीच सरकार समर्थक समूहों द्वारा राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के बाद राजधानी कोलंबो में सेना के जवानों को तैनात किया गया है. कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने में सहायता के लिए सैन्य दल को विरोध स्थल पर तैनात किया गया है. शुक्रवार को एक विशेष कैबिनेट बैठक में राष्ट्रपति राजपक्षे ने शुक्रवार मध्य रात्रि से आपातकाल की घोषणा कर दी थी.
आजादी के बाद सबसे गंभीर आर्थिक संकट में श्रीलंका
वर्ष 1948 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद श्रीलंका अब तक के सबसे गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है. यह संकट खास तौर पर विदेशी मुद्रा की कमी की वजह से पैदा हुआ है. देश मुख्य खाद्य पदार्थों और ईंधन के आयात के लिए भुगतान नहीं कर पा रहा है. नौ अप्रैल से पूरे श्रीलंका में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं, क्योंकि सरकार के पास आयात के लिए धनराशि खत्म हो गई है. आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं. श्रीलंकाई लोगों को भोजन, दवा, ईंधन रसोई गैस के साथ-साथ घंटों बिजली कटौती समेत कई आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी से जूझना पड़ रहा हैं.
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