हड़प्पा काल के गुजरात के इस मकाम को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में मिली जगह, संस्कृति मंत्री ने दी मुबारकबाद
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हड़प्पा काल के गुजरात के इस मकाम को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में मिली जगह, संस्कृति मंत्री ने दी मुबारकबाद

गुजरात में पहले से तीन विश्व धरोहर प्लेस थे, जिनमें पावागढ़ के नजदीक चंपानेर, पाटन में रानी की वाव और ऐतिहासिक शहर अहमदाबाद शामिल हैं.

हड़प्पा काल के गुजरात के इस मकाम को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में मिली जगह, संस्कृति मंत्री ने दी मुबारकबाद

नई दिल्लीः गुजरात के हड़प्पा काल के शहर धोलावीरा को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है. संयुक्त राष्ट्र के संगठन ने मंगल को इसी जानकारी दी है. संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने ट्वीट किया, ‘‘धोलावीरा रू भारत में, हड़प्पाकालीन शहर को विश्व धरोहर सूची में अभी-अभी शामिल किया गया. बधाई हो!’’ यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 44 वें सत्र में भारत को तेलंगाना में रूद्रेश्वर/रामप्पा मंदिर के रूप में एक नया विश्व धरोहर मकाम मिला है, जो 13 वीं सदी का है.

यूनेस्को की वल्र्ड हेरिटेज लिस्ट में मुल्क के 40 मकामात शामिल 
संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मुझे मुल्क की अवाम से यह शेयर करते हुए निहायत ही खुशी हो रहा है कि अब धोलावीरा के रूप में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची भारत का 40 वां मकाम शामिल हो गया है.’’ उन्होंने कहा कि आज भारत के लिए, खासकर गुजरात के लिए फख्र का दिन है. उन्होंने कहा कि 2014 से वल्र्ड हेरिजेट लिस्ट में भारत के 10 नए जगहों को शामिल किए गए हैं जो हमारे ऐसे स्थलों का एक चैथाई हिस्सा है.

गुजरात में कुल चार वल्र्ड हेरिटेज सेंटर 
गुजरात में अब तक तीन विश्व धरोहर प्लेस थे, जिनमें पावागढ़ के नजदीक चंपानेर, पाटन में रानी की वाव और ऐतिहासिक शहर अहमदाबाद शामिल हैं. विश्व धरोहर समिति के इस सत्र की सदारत चीन में फुझोऊ से की जा रही है और यह ऑनलाइन किया जा रहा है. यह 16 जुलाई को शुरू हुआ था और 31 जुलाई को खत्म होगा.

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