अज़रबैजान के सद्र ने मुल्क के नाम अपने ख़िताब में लोगों को भरोसा दिलाया है कि उनकी फ़ौज को कुछ ही नुकसान हुआ है.
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नई दिल्ली/सैयद अब्बास मेहदी रिज़वी: अर्मेनिया और अज़रबैजान के बीच इन दिनों जंग हो रही हैं, सोवियत रुस का हिस्सा रहे दोनो मुल्कों के बीच जंग में दुनियाभर के लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है. इन मुल्कों के बीच जारी जंग में दोनों ही तरफ से फ़ौजी और शहरी मारे गए हैं. अब तक 23 लोगों के मारे जाने की ख़बर है. इतवार को कंट्रोल लाइन पर जिस तरह से भारी हथियारों का इस्तेमाल हुआ है वो पिछले कुछ बरसों में हुई सबसे बड़ी झड़प मानी जा रही है. अज़रबैजान के सद्र ने मुल्क के नाम अपने ख़िताब में लोगों को भरोसा दिलाया है कि उनकी फ़ौज को कुछ ही नुकसान हुआ है. वहीं अर्मेनिया का दावा है कि उन्होंने अपने एक्शन में अज़रबैजान के चार हेलिकॉप्टर, तीन दर्जन टैंक और दीगर फ़ौजी गाड़ियों को खत्म कर दिया है.
क्या है दोनो मुल्कों के बीच तनाज़े की वजह ?
नागरनो-काराबख इलाके को लेकर ये पूरा तनाज़ा है, जो कि अभी अज़रबैजान में पड़ता है लेकिन फ़िलहात अर्मेनिया की फ़ौज का यहां पर कब्जा है.करीब चार हजार स्क्वायर किमी. का ये पूरा इलाका पहाड़ी है, जहां तनाव के हालात बने रहते है. मौजूदा तनाव 2018 में शुरू हुआ था, जब दोनों मुल्कों ने सरहद से सटे इलाके में अपनी फ़ौज को बढ़ा दिया था. अब ये तनाव जंग की शक्ल ले चुका है.
इस बार हालात कैसे बिगड़े ?
आर्मीनिया के वज़ीरे दिफ़ा ने इतवार की सुबह 8.10 बजे कहा कि नागोर्नो-काराबाख में वहाँ की राजधानी स्टेपनेकर्ट समेत कई बस्तियों पर हमला हुआ है. इसके बाद अफ़सरान ने बताया कि एक ख़ातून और एक बच्चे की मौत हो गई है. नागोर्नो-काराबाख में अलाहेदगीपसंद ग्रुपों ने कहा कि उनके क़रीब 16 लोग मारे गए और सौ के क़रीब ज़ख़्मी हैं.आर्मीनिया ने कहा कि उसने दो हेलिकॉप्टर और तीन ड्रोन मार गिराए हैं, साथ ही तीन टैंकों को भी तबाह कर दिया.आर्मीनिया के वज़ीरे आज़म निकोल पाशिनियन ने अज़रबैजान पर मंसूबाबंद हमले का इल्ज़ाम लगाते हुए लोगों से कहा कि 'अपनी पाक सरज़मीन की हिफ़ाज़त के लिए तैयार हो जाओ'
अमेरिका की जंग रोकने की अपील, तुर्की,रुस और ईरान भी सरगर्म
अमेरिका ने दोनो मुल्क से जंग रोकने और मुतनाज़ेह बयान न देने की अपील की है जबिक तुर्की के सद्र रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने अज़रबैजान की हिमायत करने का एलान किया है,वहीं रूस ने आर्मीनिया और अज़रबैजान से फ़ौरी जंगबंदी करने, दोनों फ़रीक़ों को तहम्मुल बरतने और बातचीत से मसले को सुलझाने को कहा है. उधर ईरान ने, जिसकी सरहद अज़रबैजान और आर्मीनिया दोनों से ही सटी है, दोनों मुल्कों के बीच अम्न क़ायम करने के लिए सालिसी की पेशकश की हैं.
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