राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं जिग्नेश मेवाणी

इसके साथ ही उन्होंने बंद कमरे में भी लोगों से चर्चा भी की. इसके बाद जिग्नेश मंगलवार देर शाम को नागौर जिला मुख्यालय पहुंचे और यहां निजी होटल में जिले के बड़े दलित नेताओं को संबोधित किया.

राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं जिग्नेश मेवाणी
राजस्थान में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीति तेज हो गई है. इसी बीच गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी सक्रिय हो गए हैं.

नागौर : आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी राजस्थान में सक्रिय हो गए हैं. जिग्नेश की नजर अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित राजस्थान की 34 विधानासभा सीटों पर है. डांगावास में मई 2015 में हुए दलित हत्याकांड और उसके बाद जनवरी 2018 में नागौर में दलित समाज के पुलिसकर्मी गेनाराम द्वारा विभागीय प्रताड़ताना से तंग आकर खुदकुशी करने के बाद दलित राजनीति पर रोटियां सेकने की कोशिश तेज हो गई हैं. डांगावास में चारल दलितों की हत्या का मामला कई महीनों तक देशभर में चर्चा में रहा था. इसके बाद पुलिसकर्मी गेनाराम का प्रकरण भी देशभर में छाया रहा, अभी भी गेनाराम प्रकरण की जांच चल रही है. 

इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था, वहीं दो सेवानिवृत पुलिसकर्मियो की भी गिरफ्तारी हुई है. जिग्नेश ने भारत बंद के दौरान हिंसा में पुलिस के साथ संघर्ष में मारे गए दीपक कुमार के घर पहुंचकर उसके चित्र पर पुष्प अर्पित किए. मीडिया कर्मियों से बातचीत में मेवाणी ने कहा कि दलितों पर पुलिस ने जबरदस्त लाठीचार्ज किया, महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा. इसके बाद इन्हीं के खिलाफ पुलिस ने झूठे मुकदमें दर्ज किए.

डेढ़ महीने में दूसरी बार नागौर का दौरा
मेवाणी पिछले डेढ़ माह में दूसरी बार नागौर जिले के दौरे पर आ चुके हैं, हालांकि दोनों ही बार जिग्नेश की मुलाकात पुलिस के नोटिस के साथ हुई. लेकिन इस बार जिग्नेश अपना काम कर गए. गत 15 अप्रैल को मेड़ता रोड में हुए दलित समाज के कार्यक्रम में जिग्नेश के आने पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया और जयपुर एयरपोर्ट पर ही जिग्नेश को रोक दिया गया था.

पुलिस की कड़ी नाकेबंदी के बीच डीडवाना पहुंचे जिग्नेश
इस बार लाडनूं में दलित समाज की मंगलवार को हुई आमसभा में भी जिग्नेश के आने पर रोक लगा दी और लाडनूं में धारा-144 लगा दी. लाडनूं में धारा-144 लगाने और जगह-जगह पुलिस की कड़ी नाकेबंदी के बावजूद जिग्नेश डीडवाना पहुंचे और लोगों को सम्बोधित किया. इसके साथ ही उन्होंने बंद कमरे में भी लोगों से चर्चा भी की. इसके बाद जिग्नेश मंगलवार देर शाम को नागौर जिला मुख्यालय पहुंचे और यहां निजी होटल में जिले के बड़े दलित नेताओं को सम्बोधित किया.

सरकार पर बोला जमकर हमला
नागौर दौरे पर आए मेवाणी ने कहा कि सरकार के इशारे पर वंचित वर्ग की आवाज को दबाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबक सिखाकर जवाब देगी. उन्होंने कहा कि मेरे दौरे से वसुंधरा राजे की बीपी बढ़ गया है. आगामी 22 मई को प्रदेशभर से आरक्षित वर्ग के संगठनों की ओर से वसुंधरा राजे को बीपी नियंत्रण के लिए कैप्सूल दिया जाएगा.

मोदी और अमित शाह पर भी साधा निशाना
मेवाणी ने चुनौती देते हुए कहा कि मेरे दौरे को तो भले ही सरकार पाबंदी लगाकर रोक लेगी, मगर जनता के जवाब को किसी भी सूरत में नहीं रोक पाएगी. उन्होंने कहा कि गत 22 अप्रैल को प्रदेशभर में पुलिस की ओर से आरक्षित वर्ग के साथ घोर प्रताड़ना की गई. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के कुशासन से तंग आ चुकी है. प्रदेश में न तो मोदी का जादू चलेगा और ना ही अमित शाह का जलवा काम आएगा.

बसपा ने भी नागौर से शुरू किया अपना चुनावी अभियान
जिग्नेश के अलावा गत दिनों बसपा ने भी अपनी चुनावी रथ यात्रा का शुभारंभ नागौर से किया था. बसपा के प्रदेश प्रभारी बीते दो माह में तीन-चार बार नागौर का दौरा भी कर चुके हैं. नागौर जिले में सामाजिक व आमसभाओं की आड़ में लगातार हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों से ये लग रहा है कि राजस्थान में अब नागौर को दलित राजनीति का केंद्र बनाने का प्रयास जोरों से चल रहा है. इन हालात पर भाजपा और कांग्रेस नजर बनाये हुए और घटनाक्रमों का आंकलन कर रही है.