अजमेर: हंगामे के बाद नसीरुद्दीन शाह के लिटरेचर फेस्टिवल प्रोग्राम को किया रद्द

नसीरुद्दीन शाह से जब अजमेर में मीडिया ने विवादित बयान को लेकर सवाल किया तो शाह ने एक बार फिर अपने बयान को तस्दीक की. 

अजमेर: हंगामे के बाद नसीरुद्दीन शाह के लिटरेचर फेस्टिवल प्रोग्राम को किया रद्द
शाह ने एक इंटरव्यू के दौरान देश के माहौल को लेकर जताया था डर.

अजमेर: देश के माहौल से डर वाले बयान को लेकर चर्चाओं में आए सिने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने धार्मिक आस्थाओं की नगरी अजमेर में एक बार फिर अपने बयान पर कायम रहने की बात कही है. नसीरुद्दीन ने दावा किया है कि यह बयान उन्होंने एक चिंतित हिंदुस्तानी की हैसियत से दिया है और इससे पहले भी कई बार वह इस बात का जिक्र कर चुके हैं. बता दें, शाह शुक्रवार को अजमेर में अपने स्कुल सेंट एंसलम के कार्यक्रम और अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल के शुभारम्भ समारोह में भाग लेने आए हुए हैं.

नसीरुद्दीन शाह से जब अजमेर में मीडिया ने विवादित बयान को लेकर सवाल किया तो शाह ने एक बार फिर अपने बयान को तस्दीक की. शाह ने कहा कि अपने डर को लेकर उनका यह बयान पहली बार नहीं है. उनका कहना था कि एक चिंतित हिंदुस्तानी की हैसियत से उन्होंने अपनी बात कही थी. हालांकि, इस विरोध के बाद शाह ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया है. आपको बता दें, नसीरुद्दीन शाह के इस विवादित बयान को लेकर अजमेर में शुक्रवार सुबह से ही भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था.

अपने बयान को लेकर चल रही सियासत पर शाह का कहना था कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर बयान पर इतना विवाद क्यों हो रहा है. कांग्रेस द्वारा बयान के समर्थन और भाजपा द्वारा बयान के विरोध पर उनका कहना था की दोनों अपना काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी द्वारा नसीरुद्दीन शाह को भेजे गए कराची के टिकट पर शाह ने हल्के अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा कि उनका टिकट उन्हें वापस भेज दिया जाएगा. 

इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने अजमेर में सेंट एंसलम स्कुल के कार्यक्रम में भाग लिया. बता दें, 52 साल पहले शाह ने इसी स्कुल में पढ़ाई की थी. शाह ने बच्चों के बीच अपने बचपन को याद किया और स्कुल के दिनों के शिक्षकों को भी याद किया.