नसीरुद्दीन शाह के विवादित बयान पर अजमेर में विरोध, युवा मोर्चा ने जलाए पोस्टर्स

नसीरुद्दीन शाह शुक्रवार को अजमेर के उसी स्कूल में पहुंचे हैं जहां से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी. जिसके चलते स्कूल के बाहर युवाओं द्वारा उनका जमकर विरोध किया जा रहा है.

नसीरुद्दीन शाह के विवादित बयान पर अजमेर में विरोध, युवा मोर्चा ने जलाए पोस्टर्स

अजमेर: राजस्थान के अजमेर में आयोजित लिटरेचर फिल्म फेस्टिवल में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का जमकर विरोध किया जा रहा है. दरअसल, नसीरुद्दीन शाह द्वारा हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा गया था कि देश में जैसा माहौल चल रहा है उसे देखकर उन्हें डर लगता है कि कल को उनके बच्चों को किसी गली में घेर कर यह न पूछ लिया जाए कि तुम हिंदू हो या मुस्लिम. जिसके बाद से ही अजमेर में नसीरुद्दीन शाह के आने की खबर के बाद से ही उनका विरोध किया जा रहा है.

आपको बता दें, नसीरुद्दीन शाह शुक्रवार को अजमेर के उसी स्कूल में पहुंचे हैं जहां से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी. जिसके चलते स्कूल के बाहर युवाओं द्वारा उनका जमकर विरोध किया जा रहा है. इस दौरान युवाओं द्वारा अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल के पोस्टर्स भी जलाए और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए युवाओं ने कहा कि अगर उन्हें यहां रहना है तो उन्हें वंदेमात्रम बोलना होगा. 

बता दें, भारतीय जनता युवा मोर्चा ने अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल के विरोध का एलान किया था. युवा मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा, यह देश के गद्दार का बयान है. जिस मुल्क से रोटी कमाई, दौलत कमाई आज उसी मुल्क से तुम्हे डर लग रहा है. देश को नीचा दिखाने के लिए आपने ऐसा बयान दिया. अजमेर का युवा जागरूक है और इस वजह से ये युवा उन्हें लिटरेचर फेस्टिवल का उद्घाटन नहीं करने देगा. 

गौरतलब है कि नसीरुद्दीन शाह ने अपने इंटरव्यू में अपना डर बयां करते हुए कहा था, मुझे फ्रिक होती है अपने बच्चों की अगर कल को उन्हें एक भीड़ ने घेर लिया कि तुम हिंदू हो या मुसलमान तो उनके पास तो कोई जवाब ही नहीं होगा. इस बात की फ्रिक होती है कि हालात इतनी जल्दी तो मुझे सुधरते नहीं नजर आ रहे. इन बातों से मुझे डर नहीं लगता गुस्सा आता है. और मुझे लगता है हर सही सोच वाले इंसान को गुस्सा आना चाहिए, डर नहीं लगना चाहिए. हमारा घर है हमें कोई कैस निकाल सकता है यहां से?