Chardham Yatra 2023: बद्री-केदार के भक्तों के लिए मददगार बन पही पौड़ी पुलिस, पैदल यात्रीयों की ऐसे कर रही मदद
Advertisement
trendingNow0/india/up-uttarakhand/uputtarakhand1673096

Chardham Yatra 2023: बद्री-केदार के भक्तों के लिए मददगार बन पही पौड़ी पुलिस, पैदल यात्रीयों की ऐसे कर रही मदद

Char Dham Yatra: आध्यात्म और आस्था की यात्रा यानी की चारधाम यात्रा अपने शबाब पर है. प्रतिदिन हजारों तीर्थ यात्री धाम में पहुंच रहे हैं. कोई अपने निजी वाहन से पहुंच रहा, तो कोई परिवहन के दूसरे साधनों से इन धामों तक पहुंच रहे हैं.

Chardham Yatra 2023: बद्री-केदार के भक्तों के लिए मददगार बन पही पौड़ी पुलिस, पैदल यात्रीयों की ऐसे कर रही मदद

श्रीनगर गढ़वाल/चमोली: आध्यात्म और आस्था की यात्रा यानी की चारधाम यात्रा अपने शबाब पर है. प्रतिदिन हजारों तीर्थ यात्री धाम में पहुंच रहे हैं. कोई अपने निजी वाहन से पहुंच रहा, तो कोई परिवहन के दूसरे साधनों से इन धामों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन कई ऐसे श्रद्वालु भी है. जिनके पास बद्री-केदार धाम जाने के लिए पैसे नहीं हैं. ऐसे में ये शिव भक्त पैदल ही अपनी यात्रा तय कर रहे हैं.

पौड़ी पुलिस यात्रीयों को गंत्वय तक पहुंचने में कर रही मदद
आपको बता दें कि कई श्रद्वालु 500 से लेकर 600 किमी की दूरी पैदल तय कर बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं. जानकारी के मुताबिक पौड़ी पुलिस ऐसे श्रद्वालुओं की मदद कर रही है, जो राजमार्ग पर कड़ी धूप में पैदल चल रहे हैं. पौड़ी पुलिस यात्रीयों को वाहनों के माध्यम से उनके गंत्वय तक पहुंचाने का काम कर रही है.

हेमकुंड साहिब में अभी भी जमी है 12 से 15 फिट बर्फ
आपको बता दें कि हिंदुओं की आस्था के केंद्र चार धाम के कपाट खुल चुके हैं. वहीं, अब 20 मई को सिक्खों के पवित्र धर्मस्थल श्री हेमकुण्ड साहिब और हिंदुओ के पवित्र लोकपाल लक्षमण मंदिर के कपाट 20 मई को खुलने है. ऐसे में श्री हेमकुण्ड साहिब की एक्सक्लूसिव तस्वीरें सामने आईं है, जहां हाड़ कपांती ठंड तापमान शून्य से माइनस 10 डिग्री नीचे है. कब बर्फबारी हो जाए ये नहीं पता. 

विकट और विषम परिस्थितियों के बीच 12से 15 फिट बड़े हिमखंडों को काट कर सेना के जवान दो धर्मों के इस पवित्र धर्म स्थल को खोलने में जुटे हैं. भारतीय सेना इस नेक काम में तन-मन से जुटी हुई है. भारतीय सेना के जज्बे को सलाम. धाम में अभी भी 12 फिट से ऊपर बर्फ जमी है. जानकारी के मुताबिक दोहपर के बाद हेमकुंड में मौसम कई बार बदल जाता है. बर्फबारी शुरू हो जाती है. इस वजह से सेना के जवानों को रास्ते से बर्फ हटाने का काम कई बार रोकना पड़ता है. श्री हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्षमण मंदिर के कपाट 20 मई को खुलने है.

Trending news