कहा जाता है कि गंगा में डुबकी लगाने से या फिर नहाने से सारे पाप धुल जाते है.
Zee Bihar-Jharkhand Web Team
Jul 10, 2023
कहां जाते है पाप
क्या आपने कभी सोचा है कि गंगा में हम जो पाप धोते हैं वह आखिर कहां जाते है?
लाखों लोग लगाते डुबकी
लाखों-करोड़ों लोग गंगा में अपने पाप धोने आता है तो क्या गंगा मैली नहीं होती?
पौराणिक कथाओं के अनुसार
पौराणिक कथाओं के अनुसार एक ऋषि ने ये जानने के लिए तपस्या की थी कि हमारे पाप कहां जाते है.
ऋषि की तपस्या
ऋषि की तपस्या के बाद देवता प्रकट हुए तो ऋषि ने पूछा कि भगवान जो पाप गंगा में धोये जाते है वह पाप कहां जाते है?
गंगा जी पापी है...
तब भगवान और ऋषि गंगा जी से पूछने गए, ‘हे गंगे! जो लोग आपके यहां पाप धोते हैं इसका मतलब आप भी पापी हुई.’
समुद्र को अर्पित करती है पाप
गंगा जी ने कहा, ‘मैं क्यों पापी हुई? मैं तो सारे पापों को लेकर जाकर समुद्र को अर्पित कर देती हूं.’
समुद्र सागर है पापी...
फिर वे समुद्र के पास गए, “हे सागर! गंगा पाप आपको अर्पित कर देती है. इसका मतलब आप भी पापी हुए.”
बादल को अर्पित करते है पाप
समुद्र ने कहा, ‘मैं क्यों पापी हुआ, मैं तो सारे पापों को लेकर भाप बनाकर बादल बना देता हूं.’
बादल पापी है...
फिर वे बादल के पास गए, ‘हे बादल, समुद्र जो पापों की भाप बनाकर बादल बना देते हैं इसका मतलब आप पापी हुए.’
कहते हैं जैसा खाए अन्न, वैसा बनता मन
बादलों ने कहा, ‘मैं क्यों पापी हुआ मैं तो सारे पापों को वापस पानी बरसाकर धरती पर भेज देता हूं, जिससे अन्न उपजता है, जिसे मानव खाता है.’
(Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Zee Bihar Jharkhand इसकी पुष्टि नहीं करता है.)