वहीं, बिहार, झारखण्ड और यूपी के पूर्वांचल में दही और चिवड़ा को नाश्ते के तौर पर बेहद पसंद किया जाता है.
दही-चीवड़ा के साथ सबसे अच्छी बात ये है कि इसे बिना पकाए, और तेल मसाले के बनाया और खाया जाता है.
मुल्क के कुछ हिस्सों में दही और चिवड़ा को बेहद पाक माना जाता है, इसलिए इसका इस्तेमाल मजहबी प्रसाद के रूप में भी किया जाता है.
दही-चुवड़ा में प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, विटामिन B6,2 विटामिन B12 और प्रोबायोटिक्स जैसे पोषक तत्वों होते हैं.
सुबह दही-चुवड़ा खाने से लंबे वक्त तक भूख नहीं लगती है. इसके साथ ही ये पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है.
चिवड़ा में पर्याप्त मात्रा में फाइबार और प्रोबायोटिक्स पाया जाता है, जो आंत को स्वस्थ रखता है.
अगर आप ज्यादा एनर्जी प्राप्त करना चाहते हैं, तो दही-चिवड़ा को सेवन कर सकते हैं.
दही-चिवड़ा में कम कैलोरी की मात्रा पाई जाती है, जो वजन को कंट्रोल करने में मदद करता है.
दही-चिवड़ा के सेवन से भूख बढ़ती है और इससे गैस की समस्या भी नहीं होती है.
गर्मी के दिनों में दही-चिवड़ा का सेवन करने से प्यास नहीं लगती है.