Driving Licence: हम सभी को ट्रैफिक रूल्स पूरी तरह से फॉलो करने चाहिए क्योंकि इससे हमारा और दूसरों का जीवन बचता है. वहीं, यातायात नियमों का उल्लंघन करके हम अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालत हैं. भारत में हर साल 150,000 से अधिक लोग यातायात दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं. यह आंकड़ा बताता है कि एक दिन में लगभग 400 लोगों की मौत होती है. इसे कम किया जा सकता है अगर सभी यातायात नियमों का पालन करें. बहुत सारे यातायात नियम हैं, उनमें से एक यह भी है कि कोई भी व्यक्ति, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, वह मोटर वाहन नहीं चलाएगा और अगर कोई शख्स बिना ड्राइविंग लाइसेंस के मोटर वाहन चलाता हुआ पड़का जाता है तो उसका 5 हजार रुपये का चालान कटेगा. हालांकि, कुछ राज्यों में जुर्माने की राशि कम हो सकती है.


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दरअसल, सरकार की ओर से वाहन चलाने के लिए उन्हीं लोगों को अनुमति है, जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस है. इसीलिए, इंश्योरेंस कंपनी वाहन का एक्सीडेंट होने की स्थिति में ड्राइवर का लाइसेंस मांगती हैं और अगर ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं होता है तो वह क्लेम को रिजेक्ट कर देती हैं. ऐसे में मान लीजिए कि आपकी कार का एक्सीडेंट होता है और कार को बहुत ज्यादा नुकसान होता है, जिसे ठीक कराने में लाखों रुपये लग सकते हैं. ऐसी स्थिति में अगर आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होगा तो कंपनी क्लेम को रिजेक्ट कर देगी और आपको कार ठीक कराने का खर्च खुद ही उठाना पड़ेगा जबकि ड्राइविंग लाइसेंस होगा तो बीमा कंपनी ही पहले से तय नियमों के साथ खर्च को उठाएगी.


इसीलिए, अगर आपको पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो मोटर वाहन चलाने की गलती न करें. पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएं और उसके बाद ही मोटर वाहन चलाएं. पहले लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनता है और उसके कुछ समय बाद परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनता है. अगर आप लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया के बारे में जानना चाहते हैं तो आप यहां क्लिक करके जान सकते हैं.


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