Nahargarh Mystery: राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास स्थित नाहरगढ़ की पहाड़ियों में दो भाइयों के लापता होने की कहानी अब और भी रहस्यमय होती जा रही है. पुलिस ने इनमें से एक भाई की लाश बरामद कर ली है, लेकिन दूसरे का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. आखिरकार इन दोनों भाइयों के साथ नाहरगढ़ की खतरनाक पहाड़ियों में ऐसा क्या हुआ, यह रहस्य पिछले 7 दिनों से गहराता जा रहा है.


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नाहरगढ़ में बड़ा सर्च ऑपरेशन


नाहरगढ़ की पहाड़ियों में इन दोनों भाइयों को ढूंढने के लिए पुलिस ने एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है, जिसमें 200 लोगों की टीम लगी हुई है. इस ऑपरेशन में ड्रोन कैमरे और हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है. हमारी टीम ने भी आज नाहरगढ़ के जंगल का दौरा किया, उसी रास्ते से होते हुए, जहां से दोनों भाई आखिरी बार गुजरे थे. इस रिपोर्ट में हम आपको बेहद करीब से दिखाएंगे कि क्यों नाहरगढ़ को खौफनाक माना जाता है और वहां किस प्रकार के खतरे मौजूद हैं.


इलाका बेहद डरावना और खतरनाक


नाहरगढ़ का यह इलाका बेहद डरावना और खतरनाक है. जंगली जानवरों से भरे इस जंगल में हर कदम पर नया खतरा मंडराता है. हमारे संवाददाता प्रमोद शर्मा नाहरगढ़ के उसी जंगल में पहुंचे, जहां दोनों भाई गुम हो गए थे. इस जंगल में चलने के दौरान टीम को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, खासकर खड़ी पहाड़ियों और कटीली झाड़ियों में रास्ता बनाते हुए.


दोनों भाई श्री चरण मंदिर में दर्शन करने गए थे


पुलिस के अनुसार, दोनों भाई श्री चरण मंदिर में दर्शन करने गए थे. लेकिन सवाल यह है कि जब दोनों एक ही लोकेशन पर थे, तो फिर अचानक अलग कैसे हो गए? पुलिस के ट्रेसिंग के अनुसार, दोनों के फोन की आखिरी लोकेशन में 2 किलोमीटर का अंतर था. यह अंतर कुछ ही समय के भीतर हुआ, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया है.


जंगल में बड़ी संख्या में तेंदुए पाए जाते हैं


पुलिस इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है. यहां के जंगल में बड़ी संख्या में तेंदुए पाए जाते हैं, इसलिए पुलिस इस संभावना पर भी काम कर रही है कि दोनों भाई किसी जंगली जानवर के शिकार हो सकते हैं. इसके अलावा, नाहरगढ़ का जंगल अपराधियों का पनाहगार भी रहा है, इसलिए इस दिशा में भी जांच जारी है.


हो सकता है कि राहुल की मौत गिरने से हुई हो


हमारी टीम ने नाहरगढ़ की पहाड़ियों पर चढ़ते हुए उस रास्ते का भी निरीक्षण किया, जहां से दोनों भाई गुजरे थे. यहां एक झरना भी मिला, जहां लोग नहाने के लिए आते हैं. हालांकि, पुलिस ने इस झरने के खतरनाक होने के कारण लोगों को यहां आने से मना किया है. पुलिस की एक थ्योरी के अनुसार, हो सकता है कि राहुल की मौत गिरने से हुई हो, क्योंकि उसके सिर पर चोट के निशान मिले हैं.


रहस्य अभी तक अनसुलझा


हालांकि, इस मामले का रहस्य अभी तक अनसुलझा है. पुलिस और प्रशासन की पूरी टीम इस मामले पर काम कर रही है, लेकिन इस पहाड़ी की भूलभुलैया में हर कोई उलझा हुआ है. सभी सवालों के बावजूद, सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है—आशीष की मौत के समय राहुल कहां था और क्यों उसकी इतनी गहन तलाशी के बावजूद कोई सुराग नहीं मिल रहा है?


इस रहस्य से पर्दा कब उठेगा


200 लोगों की टीम की मेहनत और लोगों की दुआएं उस परिवार के साथ हैं, जिन्होंने इस त्रासदी का सामना किया है. उम्मीद है कि जल्द ही राहुल का भी पता चल जाएगा और इस रहस्य से पर्दा उठेगा.