Patna: स्वास्थ्य मंत्री  मंगल पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एड्स पीड़ितों को  इलाज में हर संभव सहयोग कर रहा है.  राज्य सरकार द्वारा बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना चलाई जा रही है.  इसके तहत एड्स रोगियों को भरण-पोषण के लिए सरकार द्वारा प्रतिमाह डेढ़ हजार रुपये दिया जाता है.  राज्य में अभी 41 हजार 78 एचआईवी संक्रमित इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जो राज्य के 28 एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट सेंटर) से दवा का सेवन कर रहे हैं.  यह मदद ऐसे एड्स मरीज को दिया जा रहा है, जो एआरटी सेंटर में इलाजरत हैं. 


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स्वास्थ्य मंत्री  मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार सरकार ने 2015 में एड्स पीड़ितों के सही पोषण आदि के लिए हर माह डेढ़ हजार रुपए देने के लिए बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना की शुरुआत की थी.  योजना के तहत 18 साल से ऊपर के एड्स पीड़ितों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है.  इस योजना का उद्देश्य एड्स रोगियों को स्वस्थ जीवन शैली व्यतीत करने हेतु सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जिसमें सफलता भी मिली है.  एचआईवी मरीजों के लिए राज्य में और एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट सेंटर) केंद्र खोले जा रहे, जहां एचआईवी पीड़ितों के इलाज के लिए सारी सुविधाएं, टेस्ट एवं दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही हैं.   कोरोना संक्रमण के दौर में भी एचआइवी संक्रमित मरीजों पर ध्यान दिया गया.  कोरोना से बचाने के लिए एचआईवी मरीजों को कोरोना का टीका लगाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है. 


स्वास्थ्य मंत्री  मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य में अब तक लगभग 20 हजार ऐसे मरीजों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है.  इसके अलावा लॉकडाउन में एचआईवी संक्रमितों को दवा के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए उनके घरों तक दवा पहुंचाने की व्यवस्था की गई.  लॉकडाउन में सभी यातायात सुविधएं बंद होने के बावजूद राज्य भर में 15 हजार से अधिक एचआईवी संक्रमितों तक दवा पहुंचाने में सफलता मिली.  इसके अलावा संक्रमितों की ऑनलाइन काउंसलिग भी की गई.