Patna: बीजेपी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने 2000 के नोट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. सुशील मोदी बिहार के पूर्व वित्त मंत्री भी रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि इन नोटों का इस्तेमाल हो रहा है. 


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टेरर फंडिंग और ब्लैकमनी के लिए हो रहा है प्रयोग


बीजेपी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने तीन वर्षों से इसकी छपाई बंद कर दी है. 2 हजार को नोट छड़की तौर पर नोटबंदी के समय लाया गया था. ताकि 500-1000 के नोट को बदलने में लोगों को कठिनाई नहीं हो और अब बाजार ये नोट नहीं दिखाई पड़ता है. जो सूचना मिल रही है उसके मुताबिक लोगों ने इसको जमा कर रखा है. इसका उपयोग टेरर फंडिंग और ब्लैकमनी के तौर पर किया जा रहा है. 


उन्होंने आगे कहा कि दुनिया की जितनी भी विकसित अर्थव्यवस्था हो चीन,जापान या जर्मनी हो अमेरिका हो वहां से 100 से ज्यादा के डिनॉमिनेशन नोट नहीं है तो ये ब्लैकमनी को रोकने की दिशा में एक सार्थक कदम होगा. 


उन्होंने आगे कहा कि सरकार को जरूर इस बात पर विचार करना चाहिए और फेज ऑउट करना चाहिए. इसको एक बार में बंद करने की बजाए लोगों को दो से तीन साल का मौका दिया जाए जिससे उसको बदल सकें और बदल कर छोटी करेंसी ले सकें. इसके बाद वो लीगल टेंडर के रूप में ना रहे इस बारे में सरकार को विचार करना चाहिए.