Margashirsha Masik Shivratri 2023: मासिक शिवरात्रि जो साल में 12 बार मनाई जाती है, आज मार्गशीर्ष माह की मासिक शिवरात्रि का व्रत है. इस दिन शिव जी और माता पार्वती की पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है. इस व्रत को पुरुषार्थ की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे जीवन में सुख-शांति, संतान सुख और नौकरी में उन्नति होती है.


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मासिक शिवरात्रि की रात को भोलेनाथ की पूजा के साथ सफेद फूल की जरूरत होती है, क्योंकि कहा जाता है कि सोने के फूल के साथ पूजा करने से सोया भाग्य चमक उठता है. इस विशेष दिन के पूजा मुहूर्त में चतुर्दशी तिथि आज सुबह 07 बजकर 10 मिनट से शुरू हुआ और कल सुबह 06 बजकर 24 मिनट तक रहेगा. निशिता काल में भी रात 11 दिसंबर को 11 बजकर 47 मिनट से रात 12 बजकर 42 मिनट तक विशेष पूजा मुहूर्त है.


साथ ही बता दें कि इस रात को मासिक शिवरात्रि की पूजा में शिवलिंग का श्रृंगार करने के लिए सफेद रंग के कनेर की पंखुड़ियों का उपयोग करना बहुत महत्वपूर्ण है. इसके अलावा रुद्राक्ष को चढ़ाना भी बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है. रात में रुद्राक्ष के बीज को शिवलिंग पर चढ़ाने से साधक के जीवन से कष्ट समाप्त हो जाते हैं और उसे महादेव का आशीर्वाद मिलता है.


दूध का दान भी इस दिन अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि भगवान शिव को दूध बहुत प्रिय है. इसलिए इस दिन जरूरतमंदों को दूध का दान करने से भगवान शिव बहुत प्रसन्न होते हैं और वैवाहिक जीवन में खुशियों का आभास होता है. सभी उपायों को अपने विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही करें और यह ध्यान दें कि यह सूचना केवल आधारित है और इसे अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ से पुष्टि करें.


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