नई दिल्ली : हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल (JP Dalal) की अगुवाई में आढ़ती एसोसिएशन की बैठक हुई. इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर  मुखर आढ़तियों और सरकार के बीच कोई सहमति नहीं बनी. आढ़तियों ने हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया. इस बीच कुरुक्षेत्र में हाईवे जाम करने पर जेपी दलाल ने कहा, गुरनाम सिंह चढूनी कोई किसान नहीं है, खुद आढ़ती हैं. वह बस अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष आढ़तियों को हड़ताल के लिए उकसा रहा है.


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जेपी दलाल से बैठक के बाद आढ़ती एसोसिएशन नाराज नजर आया.आढ़तियों ने कहा कि हमारी हड़ताल जारी रहे सरकार हमारी कोई मांगों पर विचार नहीं कर रही है. आढ़तियों के बिना सरकार फसल की खरीदी और इस पोर्टल के हिसाब से नहीं कर पाएगी. सरकार ने हमारी आढ़त कम कर दी है. पोर्टल ले आए हैं. हमें बार-बार बैठक में बुलाया जा रहा है, लेकिन हमारी मांग कोई नहीं मान रहा. जय प्रकाश दलाल ने बेमौसमी बारिश के दृष्टिगत प्रदेश में आढ़तियों द्वारा की जा रही हड़ताल को औचित्यहीन बताया. उन्होंने कहा कि फसल की खरीदारी की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी. मंत्री ने आढ़तियों से हड़ताल समाप्त किए जाने की पुनः अपील भी की.


आढ़तियों से बातचीत के बाद नई दिल्ली के हरियाणा भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने कहा कि बैठक में विस्तारपूर्वक बिंदुवार चर्चा हुई. राज्य सरकार आढ़तियों की समस्याओं  के समाधान व पूर्ण की जा सकने वाली सभी मांगों को पूरा करने के प्रति सदैव तत्पर है.


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ई नेम से जुड़ी समस्या के हल के अलावा निजी खरीदारों द्वारा की जाने वाली खरीदारी के भुगतान के संदर्भ में आशंकाओं का निवारण किया गया है. लगातार हो रही बेमौसमी बारिश के परिणामस्वरूप किसान वर्ग को विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है. किसान वर्ग की इन विकट परिस्थितियों के मद्देनजर आढ़तियों की हड़ताल अनौचित्यपूर्ण है.


एक सवाल पर जेपी दलाल ने कहा कि किसानों की विकट परिस्थितियों को देखते हुए आढ़तियों द्वारा की जा रही औचित्यहीन हड़ताल पर विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा कोई प्रतिक्रिया तक नहीं दी जा रही है. वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में  मंत्री ने स्पष्ट किया कि कोरोना के समय में भी सफल रूप से अनाज मंडियां संचालित की गई थीं और अब भी मंडियों का सफल रूप से संचालन किया जाएगा, ताकि किसानों को परेशानी न हो.