अंकित मिश्रा/नोएडा: एक बार फिर नोएडा की पॉश सोसायटी से कुत्तों के आतंक की खबर सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों ने मासूम बच्चे की जान ले ली. Delhi-NCR में पिछले कुछ दिनों में आवारा कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसकी वजह से गाजियाबाद सहित कई जगहों पर कुत्तों पर बैन भी लगा दिया गया है. 


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क्या है पूरा मामला
नोएडा के सेक्टर 100 में बने लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी में मजदूरी का काम करने वाली महिला अपने बच्चे को लेकर काम कर रही थी, तभी आवारा कुत्तों ने 18 महीने के बच्चे पर हमला कर दिया. कुत्तों ने बच्चे के पेट को नोच-नोचकर फाड़ डाला था, जिसकी वजह से उसकी आंत बाहर आ गई. बच्चे को गंभीर हालात में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई. 


सोसाइटी में हंगामा    
दरअसल पिछले कुछ दिनों में आवारा कुत्तों के हमले के मामले तेजी से बढ़े हैं. सोसाइटी में मौजूद लोगों का कहना है कि अथॉरिटी के लोग लावारिस और आवारा कुत्तों को लेकर यहां से जाते हैं और स्टरलाइज करके उन्हें वापस छोड़ दिया जाता है. जिसकी वजह से सोसाइटी में रहने वाले लोगों द्वारा कुत्तों को  सोसायटी से बाहर करने की मांग भी की जा रही है. वहीं दूसरी ओर डॉग लवर्स इसके खिलाफ हैं. लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी में इसके पहले भी कई बार बच्चे आवारा कुत्तों का शिकार हो चुके हैं. 


नगर निगम ने पंजीकरण किया अनिवार्य
कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं के बाद दिल्ली नगर निगम ने पालतू कुत्तों के पंजीकरण पर सख्ती बढ़ा दी है. नगर निगम अधिनियम 1957 की धारा 399 के तहत सभी पालतू कुत्तों का निगम में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है. ऐसा नहीं करने पर पालतू जानवरों के मालिक पर जुर्माना लगाया जा सकता है, साथ ही केस भी हो सकता है.  नगर निगम में अब तक 1200 से ज्यादा पालतू कुत्तों का पंजीकरण किया जा चुका है.