राजेश खत्री/ नई दिल्ली: गैर राजनीतिक संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने रविवार को सोनीपत की राजीव गांधी एजुकेशन सिटी परिसर (Rajiv Gnadhi Education City Cmapus) में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने एकत्रित होकर किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के दौरान अपनी जाने गवाने वाले सभी किसानों को श्रद्धांजलि देकर उन्हें नमन किया गया और किसानों के ऊपर दर्ज किए गए केशव को भी वापस लेने की मांग के साथ साथ एमएसपी गारंटी कानून की मांग की.


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इसी कड़ी में आज सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर (Kundli Sindhu Border) पर 1 साल पहले किसान आंदोलन (Framer Protest) समाप्त होने के बाद एक बार फिर से किसान राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में यहां एकत्रित हुए हैं. आज यह किसान महापंचायत केवल 1 दिन के लिए आयोजित की जा रही है. किसान आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मृत्यु हुई थी उनको यहां पर श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया गया है. यहां आयोजित इस किसान महासभा में पंजाब और हरियाणा के किसान शामिल हुए हैं. इस दौरान किसानों ने कहा है कि सरकार जुमलेबाजी करती है जो वादे किए जाते हैं उनको पूर्ण नहीं करती है, लेकिन किसान हार मानने वाले नहीं हैं. किसानों ने जो मांग उस दौरान सरकार से की थी, MSP दी जानी थी वह भी नहीं मिल पाई और लखीमपुर खीरी में जो किसान मारे गए थे उनको भी अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है.


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वहीं दूसरी तरफ किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) के विषय को लेकर कांग्रेस विधायक भी किसानों के साथ खड़े हुए नजर आए हैं. सोनीपत से विधायक सुरेंद्र पवार (Surender Panwar) ने कहा है कि सरकार द्वारा किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए क्योंकि अब किसान आंदोलन समाप्त हुए भी 1 साल हो चुका है. विधायक ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि एमएसपी गारंटी कानून (MSP Gurantee Act) और किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस होने चाहिए.


किसान पंचायत की मुख्य मांगें-
1. स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले के अनुसार MSP की गारंटी का कानून बनाया जाए. 
2. किसानों को कर्जमुक्त किया जाए. 
3. किसानों की जमीन का अधिग्रहण करते समय 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून (Land Acquisition Act) के अनुसार किसानों को कलेक्टर रेट से 4 गुना से अधिक मुआवजा दिया जाए. मुश्तर्का मालकान व देह शामलात जमीनें किसानों से न छीनी जाएं. हरियाणा का नया भूमि अधिग्रहण कानून (Haryana New Land Acquisition Act) रद्द किया जाए. 
4. लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों को न्याय दिया जाए और गृह-राज्यमंत्री अजय टेनी (Ajay Teni) को गिरफ्तार किया जाए. 
5. मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाई जाए.