जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सोमवार को हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा है. देश ने अपने पांच बहादुर जांबाज खोए हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के हालात पर कुछ घंटे पहले हाईलेवल मीटिंग की है. सीडीएस जनरल अनिल चौहान और सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी इस बैठक में शामिल थे. अब खबर है कि सरकार कुछ बड़ा प्लान कर रही है. जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए सभी विकल्प खुले रखे गए हैं. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक एक आधिकारिक सूत्र ने जानकारी दी है कि सेना के एलीट पैरा यूनिट को जम्मू-कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन के लिए तैनात किया गया है. माना जा रहा है कि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में बड़ा ऑपरेशन किया जा सकता है. 


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हाल में जम्मू में पाकिस्तान की फंडिंग पर पल रहे आतंकियों के हमले बढ़े हैं. सोमवार को सेना के दो ट्रकों पर आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया था. पहले इस इलाके में किसी प्रकार की आतंकी गतिविधि नहीं देखी गई थी.


दरअसल, कठुआ का यह इलाका चंडीमंदिर स्थित पश्चिमी कमान में आता है जबकि जम्मू-कश्मीर का ज्यादातर इलाका सेना की उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के अधीन है. मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पश्चिमी कमान क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा की है. हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा से लगा हुआ जम्मू क्षेत्र का केवल एक छोटा सा हिस्सा पश्चिमी कमान के अंतर्गत आता है और यहां आतंकियों से निपटने में बेहद सक्षम राष्ट्रीय राइफल्स की स्पेशल यूनिट की तैनाती नहीं है. 


आतंकियों पर होगा प्रहार


'इकोनॉमिक टाइम्स' ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि सेना प्रमुख ने पश्चिमी सेना कमांडर के साथ आतंकवाद विरोधी रणनीतियों पर चर्चा की है और आने वाले दिनों में शुरू की जाने वाली कई पहलों पर बात की. ET की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लॉन्च पैड पर आतंकियों को तबाह करने और खुफिया-आधारित ऑपरेशन को अंजाम देने सहित सभी विकल्प खुले रखे गए हैं. ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक जैसा बड़ा एक्शन हो सकता है. शहीदों के घर से आ रहीं हृदयविदारक तस्वीरें हर भारतीय की आंखें नम कर रही हैं. परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है. उन्हें अपने लाल पर गर्व है, साथ ही वे चाहते हैं कि सरकार इन आतंकियों पर करारा एक्शन ले. 



जम्मू में छिपे हैं आतंकी!


मंगलवार को रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा, 'राष्ट्र के प्रति उनकी (सैनिकों की) निस्वार्थ सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी शहादत का बदला लिया जाएगा. भारत इस हमले के लिए जिम्मेदार बुरी ताकतों को करारा जवाब देगा.' जम्मू क्षेत्र में विदेशी आतंकवादियों की मौजूदगी सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चिंता का विषय है. माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में कम से कम सात आतंकी मॉड्यूल सक्रिय हैं. 70 से ज्यादा आतंकवादी नियंत्रण रेखा के पार लॉन्च पैड पर तैनात हैं. 


हेलिकॉप्टर, ड्रोन और कुत्ते भी ढूंढ रहे


इधर, सुरक्षा बलों ने आतंकियों को ठिकाने लगाने के लिए डोडा जिले के ऊंचाई वाले वन क्षेत्र की घेराबंदी कड़ी कर दी है. आतंकवादियों की तलाशी अभियान का दायरा बढ़ाते हुए विशेष बलों को तैनात किया गया है. सोमवार की मुठभेड़ में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने के लिए हेलीकॉप्टर से विशेष बलों को उतारा गया है. घने जंगल में अभियान में शामिल सैनिकों की सहायता के लिए ड्रोन की भी मदद ली गई. खोजी कुत्तों के अलावा हेलीकॉप्टर और यूएवी निगरानी के जरिए सैनिकों को सहायता दी जा रही है. 


अधिकारियों ने हमले की जांच में NIA को भी शामिल किया है. कठुआ में अभियान अभी जारी था, तभी डोडा शहर से 35 किमी पूर्व में घाडी भगवा जंगल में गोलीबारी शुरू हो गई. यह मुठभेड़ कम से कम तीन विदेशी आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर तलाशी और घेराबंदी अभियान के बाद शुरू हुई. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उत्तराखंड के शहीद सैनिकों नायब सूबेदार आनंद सिंह, हवलदार कमल सिंह, राइफलमैन अनुज नेगी, नायक विनोद सिंह और राइफलमैन आदर्श नेगी को श्रद्धांजलि अर्पित की है.