रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच राहत भरी खबर सामने आई है. रायपुर के एम्स में प्लाज्मा थेरेपी का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है. इस थेरेपी की शुरुआत फेफड़ाजनित रोग से ग्रसित कोरोना मरीज से करने की तैयारी है.


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रायपुर एम्स की ओर से प्लाज्मा थेरेपी को लेकर ICMR को डाटा भेजा गया है. अस्पताल को केवल हरी झंडी मिलने का इंतजार है. जैसे ही वहां से अनुमति मिलती है, उसके बाद 5 मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी शुरू हो जाएगी.


आपको बता दें कि प्लाज्मा थेरेपी को मेडिकल साइंस की भाषा में प्लास्माफेरेसिस नाम से जाना जाता है.प्लाज्मा थेरेपी ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें खून के तरल पदार्थ या प्लाज्मा को रक्त कोशिकाओं (blood cells) से अलग किया जाता है.इसके बाद अगर किसी व्यक्ति के प्लाज्मा में अनहेल्थी टिशू मिलते हैं, तो उसका इलाज समय रहते शुरू किया जाता है.


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प्लाज्मा थेरेपी को मुख्य रूप से संक्रमण का पता लगाने के लिए किया जाता है. क्योंकि काफी सारी बीमारियां संक्रमण के द्वारा होती है, इसलिए ऐसी बीमारियों का इलाज करने में प्लाज्मा थेरेपी काफी कारगर उपाय साबित होती है.


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