Madhya Pradesh News: राहुल गांधी का सतना दौरा रदद् हो गया है. वे अब सतना में चुनावी सभा नहीं करेंगे. अब उनकी जगह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आज सतना दौरे पर आ सकते हैं.  कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि राहुल गांधी की तबीयत बिगड़ने के कारण उनका दौरा रद्द करना पड़ा है. राहुल गांधी की जगह अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सतना पहुंचने वाले हैं.



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बता दें कि यह राहुल गांधी का मध्य प्रदेश में 14 दिन में दूसरा दौरा होने वाला था. इससे पहले उन्होंने 8 अप्रैल को मंडला और शहडोल में चुनावी सभाओं को संबोधित किया था. सतना में कांग्रेस की ओर से लोकसभा प्रत्याशी के रूप में सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू चुनावी मैदान में हैं.


भाजपा की ओर से एक बार फिर से गणेश सिंह चुनावी मैदान में है. गणेश सिंह पिछले 4 लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. वे लगातार 2004 से जीतते आ रहे हैं. 1998 से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है. गणेश सिंह से पहले रामानंद सिंह 1998 और 1999 में हुए लोकसभा चुनाव जीत चुके थे. करीब 26 साल से इस सीट पर भाजपा का कब्जा बना हुआ है. कांग्रेस की लिए बड़ी विंध्य की सतना सीट को भेदना बड़ी चुनौती माना जा रहा है. सतना लोकसभा सीट के लिए दूसरे चरण में 26 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.


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लोकसभा 7 विधानसभा सीटों में से 5 पर भाजपा
सतना लोकसभा क्षेत्र में कुल 7 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. कुल 7 में से 5 सीटों पर भाजपा का कब्जा है.  चित्रकूट से सुरेंद्र सिंह गहरवार (बीजेपी), रैगांव से प्रतिमा बागरी (बीजेपी), सतना से सिद्धार्थ कुशवाहा (कांग्रेस), नागौद से नागेंद्र सिंह (बीजेपी), मैहर से श्रीकांत चतुर्वेदी (बीजेपी), अमरपाटन से राजेंद्र कुमार सिंह (कांग्रेस) और रामपुर बघेलान से विक्रम सिंह (बीजेपी) विधायक हैं.

विधानसभा में सिद्धार्थ कुशवाहा से हार चुके गणेश सिंह
इस बार लोकसभा चुनाव इस लिहाज से दिलचस्प माना जा रहा है क्योंकि कांग्रेस ने सतना से विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा को टिकट दिया है. मजे की बात यह है कि सिद्धार्थ कुशवाह ने पिछले विधानसभा चुनाव 2024 में गणेश सिंह को हराया था. दोनों में सतना विधानसभा सीट के लिए मुकाबला था. हालांकि, इस चुनाव में गणेश सिंह की हार की वजह भाजपा से बगावत करने वाले रत्नाकर चतुर्वेदी (शिवा) को माना जा रहा था, जो बहुजन से लड़ गए थे. इस चुनाव में कुशवाहा को 70638, गणेश सिंह को 66597 और चतुर्वेदी को 33567 वोट मिले थे.