नई दिल्ली : मध्य प्रदेश चुनाव के प्रचार के लिए नेताओं ने कमर कस ली है. पीएम मोदी से लेकर अमित शाह तक प्रदेश के लगातार दौरे पर बने हुए हैं तो विपक्ष नेता राहुल गांधी भी लोगों का दिल जीतने की कोशिश में लगे हुए हैं. कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टी के नेता इस दौरान एक दूसरे पर निशाना साधने का एक भी मौका नहीं चूक रहे हैं. इसी बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को खुलेआम चुनौती दी है. 


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रविवार को इंदौर में एक रैली के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं दस साल तक प्रदेश में सीएम रहा और इस दौरान मेरे ऊपर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा लेकिन जब उमा भारती सीएम बनकर आईं तो उन्होंने मेरे ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया तो मैंने उन्हें कोर्ट में खींचा. और अभी 15 साल में वो एक भी आरोप सिद्ध नहीं कर पाई हैं. इसी के साथ बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरे 10 साल और उनके 15 साल. मैं खुली चुनौती दे रहा हूं कि वो सामने आएं और मेरे साथ बात करें. 


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बता दें कि मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं. इन 230 सीटों में 35 सीट अनुसूचित जाति और 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कुल पांच करोड़ तीन लाख 34 हजार दो सौ साठ मतदाता हैं जो अलग-अलग दलों के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे.