रीवा:  मध्यप्रदेश में होने जा रहे 2023 के विधानसभा चुनाव की चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई. चुनाव नजदीक आते ही सभी राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी ताकतें झोंकनी भी शुरू कर दी है. ऐसे में 2023 के इस चुनावी रण में बीजेपी और कांग्रेस के लिए आम आदमी पार्टी भी एक बड़ी मुसीबत बनकर खड़ी हो चुकी है. जिसके चलते सतना दौरे के बाद अरविंद केजरीवाल और पंजाब के CM भगवंत मान चुनावी सभा को संबोधित करने कल रीवा आएंगे.


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केजरीवाल और भगवंत मान आएंगे
सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक साथ रीवा की धरती पर आगमन होगा. दिल्ली और पंजाब के सीएम कल दोपहर 1 बजे रीवा के SAF मैदान पहुंचेगे और एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जनता के सामने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक पार्टियों को घेरने का प्रयास करेंगे. जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी के द्वारा रीवा के SAF ग्राउंड में आयोजित जनसभा कार्यकृम में तकरीबन 1 लाख लोग शमिल होगें.


मामा नहीं चाचा पर भरोसा करो
गौरतलब है कि बीते 20 अगस्त को दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल और पंजाब की CM भगवंत मान विंध्य के सतना जिले में पहुंचे थे. सतना में अयोजित कार्यक्रम के दौरान CM अरविंद केजरीवाल ने चुनावी घोषणाएं कर योजनाओं की बौछार लगा दी थी. उन्होंने मध्यप्रदेश की जनता को बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की गारंटी दी थी. इसी दौरान अरविंद केजरीवाल ने खुद को चाचा कहा था. अरविंद केजरीवाल ने सीएम शिवराज को घेरते हुए कहा था कि इस बार मामा नहीं चाचा पर भरोसा करो. सीएम केजरीवाल ने कहा था कि आम आदमी पार्टी शरीफ लोगों की पार्टी है.


केजरीवाल ने की थी कई घोषणाएं
अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि हम मध्यप्रदेश में भी सरकारी स्कूलों को प्राइवेट के जैसा बनाएंगे और गरीब-अमीर सभी के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देंगे. इसके अलावा सरकारी अस्पताल को अच्छा बनाएंगे. जहां आपको स्वास्थ्य की सारी सुविधा मुफ्त में उपलब्ध होगी. मोहल्ला क्लीनिक खोलेंगे और रोजगार की गारंटी भी देते हैं कि हम हर युवाओं को रोजगार देंगे. जब तक बेरोजगार नहीं मिलेगा तब तक बेरोजगारी भत्ता के रूप में युवाओं को प्रतिमाह 3 हजार रुपये देंगे. सीएम केजरीवाल ने जनता से कहा कि हमारी आप से अपील है आप एक बार हमे अवश्य मौका दें.


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बता दें कि कांग्रेस और भारतीय जानता पार्टी के बाद देश में आम आदमी पार्टी तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. आप पार्टी ने दिल्ली में अपनी सरकार बनाने के साथ ही पंजाब में झाडू लगाकार अन्य राजनीतिक पार्टियों को सफाया कर दिया. अब 2023 के अंत में मध्यप्रदेश में होने जा रहें विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 230 सीटों से आप प्रत्याशियों को चुनावी मैदान पर उतारने की घोषणा कर कांग्रेस और बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है. 


बीते महापौर के चुनाव में AAP पार्टी ने पहले ही विंध्य में अपना खाता खोल लिया था. और सिंगरौली से रानी अग्रवाल ने अपनी जीत दर्ज कराई थी. और इसके बाद उन्हे आम आदमी पार्टी ने मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें AAP का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया.


रिपोर्ट- अजय मिश्रा