Delivery on Roadside: चन्द्रशेखर सोलंकी/रतलाम। मध्य प्रदेश के उमरिया में एंबूलेंस न पहुंचने के कारण ऑटो में प्रसव के बाद रतलाम से भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां सड़क के किनारे प्रसव होने के बाद मौके पर एंबूलेंस नहीं पहुंची. सूचना मिलने पर खुद BMO ने फोन किया, लेकिन इसके बाद भी वाहन पहुंचने में देरी हूई. इसके बाद खुद BMO पूरी टीम लेकर मौके पर पहुंचे और जच्चा बच्चा को सकुशल अस्पताल में भर्ती कराया.


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वीडियो वायरल होने बाद पहुंचे BMO
दरसल रविवार दोपहर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमे एक सड़क किनारे एक महिला का प्रसव कराया जा रहा था. जच्चा बच्चा दोनो खुले में सड़क किनारे लेटे दिखाई दिए. इसके बाद से जिले में हड़कंप मच गया. जानकारी बीएमओ के पास पहुंची तो वो खुद मौके पर पहुंच गए.


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वीडियो वायरल होने के कुछ देर बाद ही जानकारी आई कि मामला रतलाम जिले के सरवन के पास का है. सैलाना बीएमओ जितेंद रायकवार (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) ने पहले 108 के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर को कॉल किया, लेकिन जब काफी देर बाद भी जच्चा बच्चा स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचे तो वो खुद स्वास्थ्य कर्मियों की टीम और एंबूलेंस लेकर मौके पर पहुंचे और मां बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया.


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बीएमओ नहीं पहुंचते तो कुछ भी हो सकता था
जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है, लेकिन इस घटना से एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि प्रसव पीड़ित परिजन और खुद बीएमओ के कॉल के बाद भी एंबूलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंची. यदि बीएमओ भी आनन फानन में मौके पर नहीं पहुंचते तो खतरा बढ़ सकता था.


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जांच के बाद दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए बीएमओ जितेंद रायकवार ने बताया कि दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दोनों सुरक्षित हैं, डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं. लापरवाही और कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि मामला जांच का विषय है. जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा. उसपर कार्रवाई होगी.


उमरिया से भी सामने आया है ऐसा ही मामला
बता दें ऐसा ही एक मामला रविवार को उमरिया से सामने आया है, जहां एंबूलेंस के न पहुंचने के कारण ऑटो में महिला का असुरक्षित प्रसव कराना पड़ा. बताया जा रहा है अस्पताल से निकली ड्राइवर नशे के हालात में था और वो गांव पहुंचने से पहले ही कीचड़ होने की बात कहकर अंदर जाने से मना कर दिया. इसके बाद परिजन महिला को ऑटो के जरिए अस्पताल ले जा रहे थे, जहां रास्ते में ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया.