प्रमोद सिन्हा/खंडवा: जिले में आदिवासी युवक की हत्या (Tribal youth murdered in Khandwa) के बाद राजनीति तेज हो गई है. आज जयस संगठन के नेतृत्व में खंडवा से बाहर के अन्य जिलों के हजारों आदिवासियों ने पुलिस को कानून का पाठ पढ़ाया. इन आदिवासी नेताओं का कहना है कि कोठा गांव में आरोपियों के घर के सामने आदिवासी युवक का अंतिम संस्कार करने पर पुलिस ने 100 से ज्यादा आदिवासियों के खिलाफ जो मामला दर्ज किया है उसे वापस लिया जाए.बता दें कि आदिवासी नेताओं का कहना था कि अनुसूचित क्षेत्रों में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती. यह लोग आईपीसी और सीआरपीसी की पुस्तक भी साथ लेकर आए थे.


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आदिवासी युवक की हत्या के मामले ने पकड़ा तूल
दरअसल, खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में आदिवासी युवक की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले में सर्व आदिवासी संगठन के बैनर तले जयस के समर्थन में आधा दर्जन जिलों के सैकड़ों आदिवासी खंडवा में जुटे. यहां इन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी करवाई करने और आरोपीयों के घर के आंगन में अंतिम संस्कार किए जाने पर 100 से अधिक आदिवासी लोगों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की.


पुलिस अधिकारियों को पढ़ाया कानून का पाठ
बता दें कि पहले इन्होंने सभा की और फिर रैली निकाली. इसके बाद एसपी से मिलने की मांग पर अड़े और भारतीय दंड विधान संहिता की किताब हाथ में लेकर पुलिस अधिकारियों को कानून का पाठ पढ़ाया. इन आदिवासी नेताओं का कहना था कि पुलिस ने संविधान का उल्लंघन करते हुए आदिवासी समाज के खिलाफ कार्ववाई की.इन्होंने 5 दिन में मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है.


वहीं आदिवासियों की मांग पर पुलिस का कहना है कि जो भी कार्रवाई हुई है, वो कानून के तहत की गई है. जो गलत काम करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. तथ्यों के आधार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है. फिलहाल हमने ज्ञापन ले लिया है. इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.


ये था मामला?
बता दें कि पांच दिन पहले खालवा तहसील के कोठा गांव में आपसी विवाद के चलते यादव समाज के लोगों ने एक आदिवासी युवक की हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया था. उसी दिन आक्रोशित आदिवासी समूह ने मृतक आदिवासी युवक का अंतिम संस्कार आरोपी यादव समाज के घर के आंगन में कर दिया था. इसी पर पुलिस ने 100 से ज्यादा आदिवासी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. खंडवा जिले में जय संगठन का वजूद नहीं है इस मामले को लेकर अब जयस संगठन खंडवा में भी अपनी भूमिका बढ़ा रहा है.