MP Assembly Session: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है. 9 बैठकों के साथ 13 दिन चलने वाली कार्यवाही 8 दिन यानी 5 दिन पहली ही में खत्म हो गई है. जारी अधिसूचना के अनुसार इस बार मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 7 फरवरी से 19 फरवरी तक का था. लेकिन, इसे 5 दिन पहले 14 फरवरी की कार्यवाही के साथ स्थगित कर दिया गया है. अब संभव है की लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा का सत्र बुलाया जाएगा.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

8 दिन में सिमटी 13 दिन की कार्यवाही
16वीं विधानसभा का सत्र यानी बजट सत्र 7 फरवरी बुधवार से शुरू हुआ था. इसे 19 फरवरी तक चलना था. इस दौरान 13 दिन के सत्र में कुल 9 बैठकें प्रस्तावित थीं. सत्र में विधायकों ने 2300 से ज्यादा सवाल पूछें है. सदन की कार्यवाही 7 फरवरी को राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू हुई. इसमें मोहन यादव की सरकार 12 फरवरी को 2024-25 के लिए अपना अंतरिम बजट पेश किया. इसमें अभी अगले 5 दिन और भी काफी कुछ होना था. लेकिन, सदन की कार्यवाही अब अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है.


क्या-क्या हुआ
- सदन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन में बैठकों की जानकारी दी
- 2303 प्रश्नों पर चर्चा हुई
- 242 याचिका , 8 साशकीय विधेयक पास हुए
- हरदा हादसे के साथ जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई


अध्यक्ष में अपने संबोधन में क्या कहा?
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में बताया कि इस बार के सत्र में महिला सदस्यों के प्रश्नों को प्राथमिकता दी गई है. इसके साथ ही शून्यकाल में नए सदस्यों की सूचना अधिक ली गई.


सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?
सीएम मोहन यादव ने विपक्ष को बधाई दी है. उन्होंने इस सत्र के लिए मंत्रिमंडल को भी बधाई दी. उन्होंने कहा कि जनता ने हमें ताकत दी हम सदन में आते हैं. नेता प्रतिपक्ष ने अपने सदस्यों को मौका दिया कुशलता से सवाल पूछा आपको भी धन्यवाद. इसके साथ ही सीएम ने कमलेश्वर डोडियार को धन्यवाद दिया कि नीलगाय को लेकर आपने विषय से हटकर मुद्दा उठाया.


मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर की सदन में जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा से देश की अन्य विधानसभा भी सीखेंगी. हालांकि, हमलावर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे इति श्री बस कहा.